फतेहपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद विभाग ने सख्त कदम उठाया है। शराब ठेके पर हुई लूट की घटना को चोरी के रूप में दर्ज करने के मामले में बिंदकी कोतवाली प्रभारी और खजुहा चौकी प्रभारी पर कार्रवाई की गई है। प्रयागराज जोन के आईजी अजय कुमार मिश्र ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
ये है मामला
मामला बिंदकी क्षेत्र के अरईपुर घेरवा गांव का है, जहां एक देशी शराब की दुकान को बदमाशों ने निशाना बनाया था। घटना की रात दुकान बंद होने के बाद वहां सुरक्षा के लिए मौजूद विजयपाल सिंह को कुछ लोगों ने पकड़ लिया। आरोप है कि बदमाशों ने उसे बांधकर एक तरफ फेंक दिया और इसके बाद दुकान में घुसकर शराब व नकदी लेकर फरार हो गए।
बदमाशों ने ठेके से बड़ी मात्रा में शराब के साथ कैश भी ले लिया था। कुछ समय बाद गश्त पर निकली पीआरवी टीम को चौकीदार की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उसे बंधन से आजाद कराया गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की।
अफसरों ने की जांच
मामला तब चर्चा में आया जब लोगों ने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर वारदात के बावजूद पुलिस ने इसे लूट की धाराओं में दर्ज नहीं किया। शिकायत और मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच शुरू कराई। जांच में सामने आया कि घटना की प्रकृति और दर्ज किए गए मुकदमे की धाराओं में अंतर था।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आईजी ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। इसके बाद मुकदमे में जरूरी बदलाव करते हुए इसे लूट की धाराओं में दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी।