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Chandauli Police को मिली बड़ी सफलता, एनकाउंटर में बावरिया गिरोह के 8 बदमाश घायल
यूपी की चंदौली पुलिस को आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इसके अंतर्गत दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पुलिस ने 8 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सभी बदमाशों को पैर में गोली लगी है। घयालों को इलाज के लिए पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबरों की मानें तो इन्हीं बदमाशों ने कुछ दिनों पूर्व पचफेड़वां में व्यापारी के घर में घुसकर लूट का प्रयास किया था। तभी से पुलिस इनसी तलाश में थी। ये सभी बावरिया गिरोह के सदस्य हैं।
ऐसे हुई मुठभेड़
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को ये खबर मिली थी कि बावरिया गिरोह के बदमाश भोजापुर रेलवे क्रासिंग से सकलडीहा रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर देशी शराब की दुकान के पास स्थित बगीचे में मौजूद हैं। इस पर सकलडीहा इंस्पेक्टर ने एसपी को खबर दी। इसके पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने सभी की घेराबंदी के लिए सदर व सैयदराजा पुलिस को मदद के लिए लगा दिया। जब टीम बगीचे के पास पहुंचकर सड़क से बगीचे के लिए अलग- अलग दिशा से पहुंचने के उतर रही थी।
पुलिस की टीम देखकर उसमें से कुछ ने असलहे से हवाई फायरिंग शुरू कर कर दी। जिसके बाद पुलिस को भी जबाबी कार्रवाई में फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें चार बदमाशों को गोली लगी, और वो वहीं गिर पड़े। अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से कई बदमाश फरार हो गए। घायल होने वाले बदमाशों में बाबू सिंह काकू, बिजेंद्र, महेंद्र, लालू सभी थाना मिलकिया शाहजहांपुर के रहने वाले थे।
सकलडीहा इलाके में हुई मुठभेड़ की घटना के बाद पुलिस टीम फरार अन्य बदमाशों की तलाश में जुट गई। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस लगातार तलाशी अभियान चला रही थी। जिसके अंतर्गत मुगलसराय-अलीनगर पुलिस की काम्बिंग के दौरान कैली रिंग रोड पर भी पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ हुई। इस दौरान फिर से बदमाशों ने पुलिस से बचने व भागने की फिराक में फायरिंग झोंक दी। ऐसे में पुलिस को भी अपने बचाव के लिए फायरिंग की। इस मुठभेड़ में भी चार बदमाश घायल हो गए। जबकि दो बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। घायलों में पर्वत गोसाई, बाबू गोसाई, मोहनपाल, महिपाल सभी शाहजहां निवासी है।
एसपी ने दी जानकारी
एसपी डॉ अनिल कुमार ने बताया कि चंदौली पुलिस के थाना सकलडीहा और थाना अलीनगर क्षेत्रों में अलग-अलग हुई मुठभेड़ में आठ अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल हुए हैं। ये लोग दिन में रेकी करते थे और रात में दुकानों और घरों में सेंध लगाकर चोरी किया करते थे। हाल ही में इन्होंने अलीपुर के पचपेड़वा में एक घर में सेंध लगाई थी। इन अपराधियों के द्वारा कई अन्य गंभीर वारदातों को अंजाम दिया गया है। अभी इनके विस्तृत आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। इसके साथ ही जो भी बदमाश फरार हैं, उनको भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया गया।
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कौन है डिप्टी एसपी दीपक कुमार जिनकी अगुवाई में UP STF ने 1 लाख के इनामी को किया ढ़ेर
उत्तर प्रदेश में कुख्यात डाकू से लेकर शातिर नामचीन गैंगस्टर को ढ़ेर करके यूपी एसटीएफ ने काफी सुर्खियां बटौरी हैं। जब कभी किसी बड़े ऑपरेशन को सफल बनाने की बात हो या फिर अपराध और अपराधियों का नामों निशान मिटाना है ऐसे में यूपी एसटीएफ हमेशा संकट मोचन की तरह कारगर साबित हुई है। यूपी पुलिस विभाग के ही बेहतरीन पुलिसकर्मियों को यूपी एसटीएफ में तैनाती दी जाती है। एसटीएफ में शामिल होने के बाद पुलिसकर्मी भी अपने हौसले का परिचय देते हुए अपराधियों के छक्के छुड़ाते देखे गए हैं। एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के नेतृत्व में यूपी एसटीएफ की टीम ने कई अपराधियों को ढ़ेर कर विदेशों में भी खुब नाम कमाया है। इसी कड़ी में आज एसटीफ मुख्यालय के डिप्टी एसटीएफ दीपक कुमार का नाम भी उस समय सुर्खियों में छा गया जब उनकी अगुवाई के अंतर्गत सुल्तानपुर में 1 लाख के इनामी अपराधी को एसटीएफ ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। यूपी एसटीएफ ने 1 लाख के इनामी माफिया और शार्प शूटर विनोद उपाध्याय को पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने के दौरान जवाबी कार्रवाई में ढ़ेर किया है।
डिप्टी एसपी दीपक सिंह
माफिया विनोद उपाध्याय का एनकाउंटर करने वाले एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक सिंह सीएम सिटी गोरखपुर के ही रहने वाले हैं। यह विनोद उपाध्याय के आपराधिक कारनामों से बहुत पहले से ही परिचित है। चूंकि इसके अपराध का केंद्र गोरखपुर व आस-पास के जिले थे। गोरखपुर में तीन दर्जन से अधिक मामले इसके ऊपर दर्ज हैं।
डिप्टी SP दीपक कुमार सिंह की अगुवाई में विनोद ढेर
मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार की देर रात सुल्तानपुर में एसटीएफ ने उसे घेर लिया और दोनों तरफ से हुई फायरिंग में विनोद ढेर हो गया और 2004 से शुरू हुए आतंक का 20 साल बाद अंत हुआ। एनकाउंटर में विनोद उपाध्याय के ढेर होने की पुष्टि लखनऊ में एसटीएफ चीफ अमिताभ यश ने दी है। उन्होंने बताया कि एसटीएफ डिप्टी एसपी मुख्यालय दीपक कुमार सिंह की अगुवाई में एसटीएफ की टीम ने सुल्तानपुर में काउंटर किया है। पुलिस ने उसके पास से 30 बोर की चाइनीज पिस्टल, स्टेन गन, 9 एमएम कंट्री मेड कारतूस और एक स्विफ्ट कार बरामद की है।
पिछले सात माह से थी तलाश
एसटीएफ क्राइम ब्रांच और गोरखपुर पुलिस को पिछले सात माह से विनोद उपाध्याय की तलाश थी। ऐसा माना जा रहा है कि वह प्रयागराज कोर्ट में सरेंडर करने के लिए जा रहा है। इसकी पूरी जानकारी एसटीएफ को मिल गयी और इस सुल्तानपुर में ही ढ़ेर कर दिया गया । मुठभेड़ में विनोद के पास से एक चाइनीज पिस्टल 30 बोर, स्टेन गन 9 एमएम फैक्ट्री मेड, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और एक स्विफ्ट कार बरामद हुई है. विनोद पर कुल 35 मुकदमे दर्ज थे जिसमें पहला मुकदमा 1999 में दर्ज हुआ था. योगी सरकार द्वारा बनी मोस्ट वांटेड माफियाओं की लिस्ट में विनोद का नाम टॉप टेन माफियाओं की सूची में था।
करीब 35 मुकदमे दर्ज थे
आपको बता दें कि बदमाश विनोद ने अपना एक संगठित गिरोह बनाकर गोरखपुर, बस्ती, संतकबीर नगर और लखनऊ में कई सनसनीखेज हत्या की वारदातों को अंजाम दिया था। कुख्यात गैंगस्टर पर गंभीर धाराओं में करीब 35 मुकदमे दर्ज थे। विनोद गोरखपुर के टॉप 10 माफिया की लिस्ट में शामिल था, इसलिए एसटीएफ के साथ गोरखपुर क्राइम ब्रांच भी उसके पीछे लगी हुई थी।
अयोध्या का रहने वाला था कुख्यात
मूलरूप से अयोध्या के रहने वाले इस माफिया पर गोरखपुर पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम रखा था। सुल्तानपुर के देहात कोतवाली इलाके में हुई एसटीएफ मुख्यालय के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व वाली टीम के साथ मुठभेड़ में इनामी अपराधी ढेर हो गया।
श्रीप्रकाश शुक्ला के लिए गठित हुई थी यूपी एसटीएफ
उत्तर प्रदेश में एसटीएफ की टीम अब तक कई कुख्यात गैंगस्टर्स को एनकाउंटर में ढेर कर चुकी है। इसमें श्रीप्रकाश शुक्ला, विकास दुबे, अनिल दुजाना जैसे कई का नाम शामिल है
UP STF संग एनकाउंटर में ढेर हुआ कुख्यात माफिया विनोद उपाध्याय, 1 लाख का इनामी था
एक लाख के इनामी बदमाश और माफिया विनोद उपाध्याय (Vinod Upadhyay Dead) को यूपी एसटीएफ ने मार गिराया है। विनोद का नाम यूपी के टॉप-61 माफिया की लिस्ट में शामिल था। मुठभेड़ शुक्रवार तड़के सुल्तानपुर जिले में हुई। एसटीएफ की इस टीम की अगुआई डीएसपी दीपक सिंह कर रहे थे। पुलिस के साथ हुई फायरिंग में वह गंभीर रूप से घायल हुआ था। बाद में उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
विनोद उपाध्याय मूलरूप से अयोध्या के माया बाजार स्थित उपाध्याय का पुरवा का रहने वाला था। उसका नाम जिले के टॉप-10 माफिया में भी शामिल था। पहले उस पर 50 हजार का इनाम घोषित था लेकिन बाद में अपर पुलिस महानिदेश जोन अखिल कुमार ने इसे बढ़ाकर एक लाख कर दिया था।
करीब तीन दर्जन आपराधिक मामले दर्ज थे
विनोद उपाध्याय ने अपना संगठित गिरोह बना रखा था। उसका यह गिरोह गोरखपुर, बस्ती, संतकबीर नगर और लखनऊ में हत्या समेत कई बड़ी वारदातों में शामिल रह चुका है। इन्हीं अपराधों को लेकर एसटीएफ को उसकी तलाश थी। उस पर करीब तीन दर्जन आपराधिक मामले दर्ज थे। माफिया विनोद उपाध्याय के तीन साथियों को पुलिस ने अगस्त महीने में अरेस्ट किया था। उन पर गोरखपुर जिले में फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन हड़पने और धमकाने के आरोप थे।
पुलिस की गोकशों से मुठभेड़, 5 गिरफ्तार, तमंचा व औजार बरामद
मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में धौलड़ी गांव के जंगल में पुलिस और गोकशों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने पांच गोकशों को गिरफ्तार कर लिया। एक गोकश पुलिस की गोली पैर में लगने से घायल हो गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो गोवंश, एक तमंचा, तीन कारतूस और गोकशी करने के औजार बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, खानपुर राजवाहे से धौलड़ी की तरफ जाने वाले रास्ते के पास आम के बाग में गोकशी करने वाले पांच बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से एक गोकश घायल हो गया। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पांच गोकशों को गिरफ्तार कर लिया। घायल गोकश मेहरदीन पुत्र मेहर ईलाही धौलड़ी का रहने वाला है।
10 साल की बच्ची से गैंगरेप, एक का शॉर्ट एनकाउंटर, दूसरा भी गिरफ्तार
देश की राजधानी दिल्ली से सटे यूपी के गाजियाबाद में कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में है। आए दिन यहां लूटपाट और रेप जैसी आपराधिक घटनाएं घट रही हैं।अपराधियों और आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने के बड़े दावे यूपी पुलिस की ओर से किए जाते हैं लेकिन गाजियाबाद में अपराध अपने चरम पर हैं. पुलिस के लगातार प्रयासों के बावजूद अपराधियों पर लगाम लगाने में नाकाम नजर आ रही है. गाजियाबाद के लोनी इलाके में एक बार फिर गैंग रेप जैसी शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है.
लोनी थाना इलाके में 10 वर्षीय बच्ची के साथ कार सवार दो लोगों ने गैंग रेप की घिनौनी घटना को अंजाम दिया है. बच्ची अपने घर से इलाके में निकल रही एक बारात देखने के लिए निकली थी और बारात के साथ आगे जाने पर रास्ता भटक गई, तभी दो लोगों ने एक कार में बैठाकर मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाया.
बच्ची की मां की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और दूसरे आरोपी के दोनों पैरों में पुलिस से मुठभेड़ के दौरान गोलियां लगी हैं. घटना के दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.