चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में सुल्तानपुर की अदालत ने लखनऊ पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को 10 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
कहां चल रही कार्रवाई
मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतीक आर्य की अदालत में चल रही थी। अदालत के समक्ष एक चेक बाउंस प्रकरण में आरोपी की गिरफ्तारी और उससे संबंधित कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया था। न्यायालय के अनुसार, पूर्व में दिए गए आदेशों के बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर अपेक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए डीजीपी को निर्देश जारी किए। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि अदालत के निर्देशों का पालन करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
आगे भी होगी कार्रवाई
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर आदेश का अनुपालन नहीं किया गया, तो मामले को आगे की कार्रवाई के लिए उच्च न्यायालय के समक्ष भेजा जा सकता है। न्यायालय की इस टिप्पणी के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में मामले को लेकर हलचल बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि मामला लंबे समय से लंबित था और अदालत द्वारा कई बार आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके अपेक्षित जवाब न मिलने पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया।