लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिसकर्मियों को पदक देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अधिकारियों और जवानों के साथ उनके परिजन भी मौजूद रहे।
सीएम ने कहा ये
मुख्यमंत्री ने प्रदेश का पहला कीर्ति चक्र हासिल करने वाले पुलिसकर्मी शहीद सुनील सिंह के परिजनों को भी सम्मानित किया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश पुलिस के किसी जवान को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सीएम योगी ने कहा कि कोई व्यक्ति भले ही कितने बड़े पद पर क्यों न हो, लेकिन बिना सुरक्षा के वह निश्चिंत नहीं रह सकता। उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश की जनता के बीच सुरक्षा का विश्वास कायम किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदलाव आया है और पुलिस की सक्रियता से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
पूर्व डीजीपी की किताब को भी दिया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ को भी सम्मानित किया। उन्होंने पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश ने ऐसा दौर भी देखा है, जब सूर्यास्त के बाद तराई क्षेत्रों में लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल होता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति और दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश की पहचान में बदलाव आया है।
कार्यक्रम में 87 इंटरसेप्टर वाहनों का फ्लैग ऑफ पुलिस की निगरानी और यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर किया गया।