लखनऊ पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर कथित वसूली के आरोप सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाया है। सोमवार को गणना कार्यालय में तैनात एक उपनिरीक्षक, दो मुख्य आरक्षियों समेत कुल 12 पुलिसकर्मियों को उनके पद से हटाकर दूसरी जगह तैनात कर दिया गया। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई जांच को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए की गई है।
इस मामले से उठे थे सवाल
पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर विभाग के कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। सुनील ने दावा किया कि ड्यूटी लगाने के बदले पुलिसकर्मियों से पैसे लिए जाते हैं। इसके अलावा उन्होंने चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े मामलों में भी भ्रष्टाचार होने की बात कही थी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि आरोपों की जांच अपर पुलिस उपायुक्त लाइन को सौंपी गई थी। शुरुआती जांच के दौरान यह फैसला लिया गया कि जिन कर्मचारियों पर सवाल उठ रहे हैं, उन्हें फिलहाल कार्यालय से हटाया जाए ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो। इसके बाद संबंधित कर्मियों को तत्काल प्रभाव से दूसरी जिम्मेदारियां सौंप दी गईं।
सिपाही ने उठाए थे सवाल
सिपाही सुनील कुमार ने एक के बाद एक कई वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके गृह जनपद स्थित घर पर दबाव बनाने के उद्देश्य से पुलिस भेजी गई थी। हालांकि अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टीम केवल नोटिस देने के लिए गई थी।
घटना के बाद पुलिस लाइन की ड्यूटी व्यवस्था में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। अब ड्यूटी आवंटन के लिए कंप्यूटरीकृत सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो सके और भविष्य में इस तरह के आरोपों की गुंजाइश कम हो।