अमेठी पुलिस अब सिर्फ आवाज ही नहीं, इशारों की भाषा भी समझेगी। आम लोगों की शिकायतों को ज्यादा संवेदनशीलता से सुनने के लिए पुलिस लाइन में बुधवार को एक स्पेशल ट्रेनिंग रखी गई।
आज हुआ आयोजन
शाम 4 बजे नवीन पुलिस लाइंस सभागार में भारतीय सांकेतिक भाषा को लेकर आयोजित इस एक दिवसीय वर्कशॉप में जिले के तमाम पुलिसकर्मियों को ट्रेंड किया गया। ऑल उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ द डेफ से आए एक्सपर्ट ने पुलिसकर्मियों को बताया कि कैसे बिना बोले भी बात को समझा और समझाया जा सकता है।
वर्कशॉप में एसपी सरवणन टी के साथ एडिशनल एसपी, सभी सीओ, एसएचओ और बड़ी संख्या में महिला व पुरुष सिपाही मौजूद रहे। ट्रेनर्स ने रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले शब्दों, मदद मांगने, शिकायत बताने जैसे जरूरी इशारों की प्रैक्टिस कराई।
इसलिए की गई पहल
अक्सर देखने में आता है कि गूंगे-बहरे व्यक्ति थाने में अपनी बात नहीं कह पाते और उन्हें काफी परेशानी होती है। इस पहल के बाद अब ऐसे लोगों को अपनी बात कहने के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पुलिस सीधे उनकी भाषा में उनसे संवाद कर सकेगी।
अंत में एसपी ने सभी ट्रेनर्स का इशारों में ही धन्यवाद किया और उन्हें सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद हर व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना है, चाहे वो किसी भी स्थिति में हो।