आगरा के न्यू आगरा थाना परिसर में पेड़ कटाई प्रकरण में विभागीय जांच के बाद पुलिस विभाग के भीतर हलचल तेज हो गई है। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीसीपी सिटी ने सभी संबंधित कर्मियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दोष तय होने पर उन्हें छह महीने तक थाना या चौकी का प्रभार नहीं दिया जाएगा।
ये है मामला
यह विवाद 27 मार्च की देर रात शुरू हुआ, जब थाना परिसर में मौजूद एक पेड़ को कटवाया गया। बताया जाता है कि इसके लिए मजदूर बुलाए गए और लकड़ी हटाने के इंतजाम भी उसी रात कर लिए गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
शुरुआती स्तर पर इसे सुरक्षा कारणों से की गई कार्रवाई बताया गया। दावा किया गया कि पेड़ कमजोर हो चुका था और आसपास खतरा पैदा कर रहा था। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई सवाल उठने लगे। मामला इतना बढ़ा कि न्यायिक संस्थाओं तक पहुंच गया।
जांच रिपोर्ट में कहा गया ये
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि जिस स्थान पर पेड़ काटा गया, उसकी जिम्मेदारी संबंधित चौकी की थी। हालांकि वीडियो में तत्कालीन एसओ की मौजूदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया। उनके बयान में कहा गया कि पेड़ बिजली लाइनों के संपर्क में आ रहा था, लेकिन मौके की स्थिति और उपलब्ध तस्वीरों ने इस दावे पर संदेह खड़ा कर दिया।
स्थानीय स्तर पर सामने आए तथ्यों के मुताबिक, वहां बिजली की खुली लाइनें नहीं थीं, बल्कि अन्य संचार केबल मौजूद थीं। इससे पेड़ काटने की असली वजह पर सवाल उठे। अब मजदूरों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है, जबकि विभागीय कार्रवाई अपने अंतिम चरण में है।