रामपुर में साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन फ्रॉड और धोखाधड़ी की शिकायतों की संख्या सालाना सैकड़ों में पहुंच गई है। इन मामलों से निपटने के लिए 2024 में जिले में साइबर क्राइम थाना शुरू किया गया था, लेकिन मौजूदा थाने की जगह और संसाधन पर्याप्त नहीं थे। इसी कारण पुलिस विभाग ने नए भवन के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा, जिसे मंजूरी मिल गई है।
काम हुआ शुरू
जानकारी के मुताबिक, अब रामपुर के पुलिस लाइन परिसर में नए साइबर क्राइम थाने के भवन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इसके लिए 363.96 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया है। निर्माण का कार्य राजकीय निर्माण निगम द्वारा किया जा रहा है।
साइबर क्राइम थाने में पहली अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक कुल 145 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से ज्यादातर मामले 10 हजार रुपये से कम की धोखाधड़ी के थे। पुलिस ने कई मामलों में रकम वापस दिलाई है। वहीं, 30 शिकायतें ऐसी थीं जिनमें धोखाधड़ी की रकम 10 हजार रुपये से अधिक थी, जिनकी जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी ने दी जानकारी
थाना प्रभारी आशाराम वर्मा ने बताया कि अब तक साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 2.21 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज कराई गई है, जिसमें से एक करोड़ रुपये से अधिक रकम पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र ने बताया कि नए भवन के बनने के बाद साइबर अपराधों से निपटने की प्रक्रिया और बेहतर होगी।