श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के बाहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। अयोध्या रेंज के आईजी प्रवीण कुमार की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर बाराबंकी पुलिस अधीक्षक ने चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में एक चौकी प्रभारी, दो मुख्य आरक्षी और एक सिपाही शामिल हैं।
सीएम ने दिए थे निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी को जांच सौंपने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में आईजी ने घटनास्थल के वीडियो फुटेज, चश्मदीद गवाहों और घायलों के बयान के आधार पर एक अंतरिम रिपोर्ट तैयार की, जिसे बुधवार देर रात डीजीपी राजीव कृष्ण को सौंपा गया।
जांच में चौकी प्रभारी गजेंद्र विक्रम सिंह, मुख्य आरक्षी पवन यादव, सौरभ सिंह तथा सिपाही विनोद यादव को प्रदर्शनकारियों पर अनावश्यक बल प्रयोग का दोषी पाया गया। आईजी की संस्तुति पर पुलिस अधीक्षक ने चारों को निलंबित कर दिया है।
उधर, इस मामले में सीओ सिटी हर्षित चौहान और कोतवाली प्रभारी आर.के. राणा की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिनकी जांच अभी चल रही है। आईजी प्रवीण कुमार ने यह स्पष्ट किया है कि अंतिम रिपोर्ट में इन अधिकारियों की भूमिका पर भी निर्णय लिया जाएगा।
कार्रवाई से मची हलचल
इस बीच, जांच टीम ने लाठीचार्ज में घायल हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं से केजीएमयू में मुलाकात कर उनके बयान दर्ज किए हैं। साथ ही, पूरे घटनाक्रम की वस्तुनिष्ठ पड़ताल की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहले ही सीओ सिटी को हटाया जा चुका है, जबकि कोतवाली प्रभारी और चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया था। अब निलंबन की कार्रवाई ने पुलिस प्रशासन में हलचल मचा दी है।
इसके अतिरिक्त, बिना मान्यता के चलाए जा रहे यूनिवर्सिटी के एलएलबी पाठ्यक्रम की जांच अयोध्या मंडलायुक्त को सौंपी गई थी। जांच पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ बाराबंकी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है।