मेरठ में साइबर ठगी का शिकार अब पुलिसकर्मी भी हो रहे हैं। यूपी 112 में तैनात एक सिपाही के बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने यूपीआई के जरिए 57 हजार रुपये निकाल लिए। ट्रांजेक्शन का पता चलते ही सिपाही ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दी। समय रहते शिकायत होने के कारण खाते में बची करीब 10 हजार रुपये की रकम को फ्रीज करा दिया गया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।
कुछ ही समय में खाते से निकल गई रकम
अलीगढ़ के खैर क्षेत्र निवासी चंद्रपाल सिंह यूपी पुलिस में सिपाही हैं। मौजूदा समय में उनकी ड्यूटी यूपी 112 में है। उनका वेतन खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में है। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, 26 सितंबर को उनके खाते में संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ और देखते ही देखते 57 हजार रुपये निकल गए।
चंद्रपाल को जब खाते से पैसे जाने की जानकारी हुई तो उन्होंने बैंक स्तर पर कार्रवाई के साथ ही साइबर अपराध की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम ने लेनदेन की जांच शुरू की।
शिकायत के बाद 10 हजार रुपये कराए सुरक्षित
जांच में सामने आया कि खाते से रकम यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से खाते में मौजूद लगभग 10 हजार रुपये को फ्रीज करा दिया गया। इससे खाते में बची रकम को साइबर अपराधियों तक पहुंचने से रोक दिया गया।
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सिपाही की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब बैंक खाते से हुए ट्रांजेक्शन, यूपीआई लेनदेन और उससे जुड़े विवरण की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के इस मामले में उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ठगी की रकम किस खाते या यूपीआई आईडी में पहुंची, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।