उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने इस बार व्यापक रणनीति तैयार की है। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाकुंभ मॉडल पर व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीजे की सीमा तय
पुलिस के निर्देशों के अनुसार कांवड़ और डीजे की निर्धारित सीमा से अधिक ऊंचाई या चौड़ाई नहीं होगी। ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए म्यूजिक सिस्टम की आवाज तय मानक के भीतर रखनी होगी। यात्रा के दौरान केवल धार्मिक गीतों की अनुमति होगी, जबकि अश्लील, आपत्तिजनक या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गानों पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीमें रहेंगी तैनात
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस की विशेष टीमें कांवड़ियों के बीच सादे वेश में भी मौजूद रहेंगी। हर थाने में कांवड़ यात्रा से संबंधित अलग रजिस्टर तैयार किया जाएगा, जिसमें प्रमुख जानकारी दर्ज होगी। कांवड़ मार्ग पर संचालित होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट को खाद्य पदार्थों की कीमत सार्वजनिक करनी होगी, ताकि श्रद्धालुओं से मनमानी वसूली न हो सके।
इसके अलावा पूरे यात्रा मार्ग पर बैरिकेडिंग, दिशा-सूचक बोर्ड, चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, मोबाइल मेडिकल यूनिट और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग को भी बिजली से जुड़े सभी संभावित खतरे पहले ही दूर करने को कहा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि लाखों कांवड़ियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और श्रद्धापूर्ण यात्रा का माहौल उपलब्ध कराना है।