उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2025 का परिणाम जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। रिजल्ट आने के बाद कुछ लोगों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और लेनदेन के आरोप लगाए, जिसके बाद पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड हरकत में आ गया। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई गई है तथा गलत जानकारी फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लगाए थे आरोप
बताया जा रहा है कि आशुतोष पांडे नाम के एक फेसबुक यूजर ने वीडियो पोस्ट कर भर्ती में पैसे लेकर नौकरी दिए जाने और परिणाम में धांधली होने जैसे आरोप लगाए थे। वीडियो वायरल होते ही मामला चर्चा में आ गया। इसके बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के वीडियो और पोस्ट अभ्यर्थियों के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा करते हैं।
भर्ती बोर्ड के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री पर लगातार नजर रखी जा रही है। जो लोग बिना प्रमाण के अफवाह फैलाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। बोर्ड का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर भर्ती प्रक्रिया की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
इससे पहले भी भर्ती परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट के कारण कार्रवाई हो चुकी है। हाल के महीनों में कई अभ्यर्थियों और यूजर्स पर भ्रामक जानकारी साझा करने के आरोप में मुकदमे दर्ज किए गए थे।
बोर्ड ने की अपील
बोर्ड ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और विभागीय सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही किसी भी वायरल मैसेज या वीडियो को सच मानने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। अधिकारियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और मेरिट के आधार पर की गई है और भर्ती की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।