उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था को लेकर डीजीपी राजीव कृष्ण ने बड़ा संदेश दिया है। प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए अब जमीनी पुलिसिंग पर सबसे ज्यादा फोकस किया जाएगा।
सिपाहियों को दी सलाह
डीजीपी ने नव नियुक्त 60,244 सिपाहियों को लेकर कहा कि इतनी बड़ी भर्ती पुलिस विभाग के लिए बड़ा अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए जवानों को सीधे बीट पुलिसिंग, फुट पेट्रोलिंग और जनसंपर्क अभियानों में लगाया जाए ताकि आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ सके। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों से उनके रहने, प्रशिक्षण और भोजन व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को भी कहा गया।
सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को लेकर डीजीपी ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं, इसलिए पुलिस को हर गतिविधि पर पैनी नजर रखनी होगी। किसी भी भ्रामक सूचना पर तुरंत तथ्यात्मक जवाब देने और सांप्रदायिक या जातीय तनाव फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई करने को कहा गया।
डीजीपी ने कहा ये
बैठक में थानों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि शिकायतकर्ता को संतुष्ट करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आईजीआरएस और अन्य शिकायतों का निस्तारण सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने हवालात की नियमित मॉनिटरिंग, गोतस्करी पर कार्रवाई, गंभीर अपराधों की समीक्षा और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने पर भी जोर दिया।
डीजीपी ने साफ कहा कि जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार और तेज कार्रवाई से ही पुलिस की छवि मजबूत होगी।