उत्तर प्रदेश में अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ा अभियान चलाया है। बीते दो दिनों में राज्य के अलग-अलग जिलों में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच 36 मुठभेड़ हुईं। इन कार्रवाइयों में तीन अपराधी मारे गए, जबकि 46 बदमाश घायल हुए हैं। पुलिस ने घायलों समेत कुल 61 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
लगातार हो रहीं मुठभेड़
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि प्रदेश में अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर पुलिस लगातार काम कर रही है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक सबसे ज्यादा आठ मुठभेड़ मुजफ्फरनगर जिले में हुईं। यहां 10 अपराधी घायल हुए, जबकि 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। वहीं हरदोई और मथुरा में हुई कार्रवाई के दौरान तीन अपराधी मारे गए।
प्रदेश में वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस को अपराधियों और माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से यूपी पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण अभियान चला रही है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 से अप्रैल 2026 तक पुलिस मुठभेड़ों में 269 अपराधी मारे गए थे। हालिया कार्रवाई के बाद यह संख्या बढ़कर 272 हो गई है। वहीं पुलिस कार्रवाई में घायल अपराधियों की संख्या अब 11,051 तक पहुंच गई है।
पुलिस ने इस दौरान गैंगस्टर एक्ट के तहत 85 हजार से अधिक अपराधियों पर कार्रवाई की है। इसके अलावा 977 आरोपितों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया। पुलिस ने माफिया और अपराधियों की 14,500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां भी जब्त की हैं।
प्रदेश के 68 चिन्हित माफिया गिरोहों और उनके नेटवर्क पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब तक 1,459 गैंग सदस्यों के खिलाफ 875 मुकदमे दर्ज कर चुकी है और सैकड़ों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
डीजीपी ने ये भी कहा
डीजीपी ने कहा कि केवल मुठभेड़ ही नहीं, बल्कि अदालतों में मजबूत पैरवी भी पुलिस की प्राथमिकता है। पिछले नौ वर्षों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई के जरिए 1.25 लाख से ज्यादा अपराधियों को दोषी ठहराया जा चुका है। इनमें 79 अपराधियों को फांसी की सजा, 10 हजार से ज्यादा को उम्रकैद और करीब दो हजार अपराधियों को 20 वर्ष से अधिक की सजा सुनाई गई है।