आगरा में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की तत्परता एक बार फिर सामने आई है। चलती बस में महिला और एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित छेड़छाड़ की सूचना मिलते ही आगरा पुलिस ने बेहद तेजी से कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई सोशल मीडिया के जरिए मिली सूचना के आधार पर की गई, जिसने पुलिस की सक्रियता और तकनीकी उपयोग को उजागर किया।
ये था मामला
जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 की देर रात करीब 12:27 बजे पीड़िता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि कानपुर से अहमदाबाद जा रही एक बस में कुछ युवक उसके और एक महिला के साथ गलत हरकत कर रहे हैं। उस समय बस नामनेर चौराहा के पास पहुंचने वाली थी। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देश पर पुलिस की मीडिया सेल तुरंत सक्रिय हो गई।
मीडिया सेल ने बिना देरी किए थाना रकाबगंज पुलिस को अलर्ट किया और पीड़ितों से संपर्क कर बस की सटीक लोकेशन हासिल की। इसके बाद पुलिस टीम ने नामनेर चौराहे पर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। जैसे ही बस वहां पहुंची, उसे तुरंत रोक लिया गया और मौके पर ही चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस पूरे मामले में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय ने बड़ी घटना को टाल दिया। बस में मौजूद अन्य यात्रियों ने भी राहत महसूस की और पुलिस की सराहना की। पीड़ितों ने समय पर मदद मिलने के लिए आभार जताया।
पुलिस कमिश्नर की मेहनत ला रही रंग
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में आगरा पुलिस महिला सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। यह घटना दिखाती है कि सोशल मीडिया के जरिए मिली सूचना पर भी अगर समय रहते कार्रवाई की जाए, तो अपराधियों को तुरंत पकड़कर पीड़ितों को राहत दी जा सकती है।