राजधानी लखनऊ में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में उत्तर प्रदेश पुलिस की नई महिला सिपाहियों ने अपने दमखम, अनुशासन और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया। हाल ही में हुई बड़ी भर्ती प्रक्रिया के बाद प्रदेशभर के 112 प्रशिक्षण केंद्रों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम में महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी विशेष आकर्षण रही। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे, जिन्होंने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षु महिला सिपाहियों का उत्साहवर्धन किया।
सीएम ने सराहा
लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित इस समारोह में महिला सिपाहियों ने कदमताल करते हुए मुख्यमंत्री को सलामी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुली जीप में बैठकर परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्दी की सबसे बड़ी ताकत अनुशासन है और प्रशिक्षण के दौरान किया गया कठिन परिश्रम ही भविष्य में सुरक्षा का आधार बनता है।
मुख्यमंत्री ने महिला सिपाहियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जिस लगन और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण पूरा किया है, वह प्रेरणादायक है। उन्होंने यह भी कहा कि अब जब ये सिपाही फील्ड में जाएंगी, तो अपराधियों के प्रति सख्त और आम जनता के प्रति संवेदनशील रहना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
36 प्रतिशत से बढ़ी साझेदारी
प्रदेश में महिला पुलिस बल की बढ़ती भागीदारी पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया। उन्होंने बताया कि पहले जहां महिला पुलिसकर्मियों की संख्या लगभग 13 प्रतिशत थी, अब यह बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। यह बदलाव कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मामलों में बेहतर संवेदनशीलता लाने में भी मददगार साबित होगा।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि प्रदेशभर के 73 जनपदों, 29 पीएसी बटालियन और 10 प्रशिक्षण संस्थानों में एक साथ दीक्षांत परेड आयोजित की गई। इस बड़े आयोजन ने उत्तर प्रदेश पुलिस की बढ़ती क्षमता और आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था की झलक पेश की।