लखनऊ में आयोजित भव्य दीक्षांत परेड समारोह में उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास का एक नया अध्याय जुड़ गया। सीधी भर्ती 2025 बैच के 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस ने शपथ लेकर औपचारिक रूप से सेवा में प्रवेश किया। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ आयोजित यह परेड राज्य ही नहीं, बल्कि देशभर में एक रिकॉर्ड के रूप में देखी जा रही है।
सीएम ने की सलामी
समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परेड की सलामी ली और खुली जिप्सी में सवार होकर जवानों का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों को सम्मानित करते हुए उनके अनुशासन, समर्पण और प्रशिक्षण की सराहना की। इस अवसर पर प्रदेश के 112 प्रशिक्षण केंद्रों—जिनमें पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, जनपदीय पुलिस लाइन और पीएसी बटालियन शामिल हैं—पर एक साथ दीक्षांत परेड आयोजित की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन अभ्यर्थियों को 15 जून 2025 को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे, जिसके बाद 21 जुलाई से प्रशिक्षण शुरू हुआ और अब सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ है। उन्होंने प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीकों और उन्नत संसाधनों के उपयोग को पुलिस बल की मजबूती का आधार बताया।
सीएम योगी ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि अब दंगे, माफिया और गुंडा टैक्स जैसी समस्याएं काफी हद तक खत्म हो चुकी हैं। उन्होंने “जीरो टॉलरेंस” नीति को इस सुधार का प्रमुख कारण बताया।
आरक्षण को बताया अहम
उन्होंने यह भी बताया कि 2017 के बाद से 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती और एक लाख से ज्यादा को पदोन्नति दी गई है। साथ ही महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण को महत्वपूर्ण कदम बताया।
अंत में मुख्यमंत्री ने नवप्रशिक्षित जवानों से कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ सेवा करने का आह्वान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।