मोबाइल फोन बदलना आजकल आम बात हो गई है, लेकिन पुराने फोन को बिना सुरक्षित तरीके से साफ किए बेच देना अब बड़ा साइबर खतरा बनता जा रहा है। ताजा मामला यह दिखाता है कि कैसे कबाड़ के जरिए भी आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है।
आरोपियों ने किया खुलासा
बिहार एसटीएफ और यूपी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जो पुराने मोबाइल फोन के मदरबोर्ड से डेटा निकालकर विदेश भेज रहा था। इस मामले में कटिहार से भंगार व्यवसायी इस्तार आलम को गिरफ्तार किया गया है। वह रायबरेली के लालगंज थाने में दर्ज एक केस में फरार चल रहा था।
आरोपी ने खुलासा किया कि उसका नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है। वह फेरीवालों के माध्यम से गांव-गांव से पुराने मोबाइल खरीदता था, जबकि उसके सहयोगी बड़े शहरों से भी मोबाइल जुटाते थे। इन मोबाइलों को तोड़कर मदरबोर्ड अलग किया जाता और आगे बेचा जाता था। विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने मदरबोर्ड से डिलीट किया गया डेटा भी रिकवर किया जा सकता है, जिसका दुरुपयोग कर बड़ी साइबर ठगी या पहचान चोरी की घटनाएं हो सकती हैं।
कई उपकरण जब्त
साथ ही, किशनगंज में पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का भी खुलासा किया है। आरोपी मनोहर कुमार शर्मा के पास से सैकड़ों नकली आधार कार्ड और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। ये घटनाएं साफ संकेत देती हैं कि डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी हो गई है।