आगरा के थाना न्यू आगरा में बिना वन विभाग की अनुमति के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी तब सार्वजनिक हुई जब थाना परिसर में पेड़ काटते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में थाना परिसर में खड़े पुलिसकर्मी भी दिखाई दिए, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या कार्रवाई पुलिस कर्मियों पर होगी या उनके संरक्षण में लाए गए मजदूरों पर। वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है।
ये है मामला
थाना न्यू आगरा के परिसर में खड़े पाकड़ के पेड़ की कटाई का यह मामला करीब एक सप्ताह पहले का है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ को बृहस्पतिवार की रात काटा गया। घटना के बाद कटे हुए लकड़ी को एक ट्रैक्टर ट्रॉली में लादकर ले जाया गया। इस पर वन विभाग ने संज्ञान लिया और टीम घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने साक्ष्य जुटाए और पुलिस से जवाब मांगा।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण वन अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि थाना परिसर में पेड़ काटने के मामले में उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धारा 3 और 10 के तहत दो लोगों को आरोपी बनाया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी पुलिस कर्मी हैं या मजदूर। जांच पूरी होने के बाद ही इस बात का खुलासा किया जाएगा।
होगी कार्रवाई
वन विभाग का कहना है कि बिना अनुमति के किसी भी पेड़ की कटाई कानून के तहत अपराध है और इसमें किसी को संरक्षण नहीं मिलेगा। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि इस घटना की जांच पूरी होने तक थाना परिसर में और किसी पेड़ की कटाई पर रोक रहेगी।