उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में तैनात पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ बढ़ती ट्रोलिंग के खतरों पर अपने स्पष्ट रुख को पेश किया है। हाल ही में मिर्जापुर पुलिस के इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए एक वीडियो पर अपर्णा कौशिक को भद्दे और अपमानजनक कमेंट्स का सामना करना पड़ा। कई कमेंट्स उनके पेशेवर काम और शारीरिक बनावट पर केंद्रित थे।
एसपी ने कहा ये
इस मामले में SP अपर्णा कौशिक ने अपने बयान में कहा कि किसी भी पेशेवर महिला के खिलाफ ऐसे कमेंट्स बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने भद्दी टिप्पणियां की हैं, उनकी प्रोफाइल में फोटो तक नहीं है, और वे ऐसे कमेंटबाजों को ठीक करेंगी। उनका यह रुख सोशल मीडिया पर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
गलत है ये मानसिकता
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग केवल मानसिक स्वास्थ्य पर ही असर नहीं डालती, बल्कि यह पेशेवर महिलाओं के आत्मविश्वास और कामकाज को भी प्रभावित कर सकती है। अपर्णा कौशिक का साहस और जवाबदेही यह दिखाती है कि महिलाओं को अपमानित करने वाले ट्रोलर्स को बेनकाब किया जा सकता है और उनका गलत व्यवहार सार्वजनिक रूप से चुनौती दी जा सकती है।