अलीगढ़ ज़िले ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पुलिस प्रशासन ने पहली बार जिले के 33 थानों में से छह थानों की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों को सौंपकर यह स्पष्ट कर दिया है कि अब महिला नेतृत्व पुलिस ढांचे का एक मज़बूत और स्वाभाविक हिस्सा बन चुका है।
एसएसपी नीरज कुमार जादौन के इस निर्णय ने न केवल पुलिसिंग में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत किया है, बल्कि उनकी क्षमता पर भरोसा भी बढ़ाया है। नई जिम्मेदारियाँ संभालते ही महिला थाना प्रभारियों ने उत्साह के साथ अपनी तैनाती शुरू कर दी है।
निशा चौधरी – प्रभारी, महिला थाना
निशा चौधरी ने बताया कि बच्चों की देखभाल और पुलिस ड्यूटी के संतुलन में चुनौतियाँ जरूर आती हैं, लेकिन यह उनका प्रोफेशनल सफर है और वे इसे पूरी जिम्मेदारी से निभाती हैं। वे 2017 बैच की अधिकारी हैं और इससे पहले औरैया जिले में चार महीने तक महिला थाना प्रभारी व 14 महीने चौकी प्रभारी रह चुकी हैं। उनके अनुसार, यह अनुभव उनकी नई भूमिका में काफी मदद करेगा।
सरिता द्विवेदी – प्रभारी, दादों थाना
सरिता द्विवेदी 2001 बैच की अधिकारी हैं और इटावा की निवासी हैं। यह उनकी तीसरी तैनाती है जब उन्हें किसी थाने की कमान सौंपी गई है।उन्होंने कहा कि हर नई जिम्मेदारी आत्मविश्वास बढ़ाती है और वे इसे पूरी ईमानदारी के साथ निभाएँगी।
रेखा गोस्वामी – प्रभारी, पिसावा थाना
रेखा गोस्वामी 2018 बैच की अधिकारी हैं और मूलरूप से फिरोजाबाद की निवासी हैं। उन्हें महिला थाना से पिसावा थाने की कमान दी गई है। उनके अनुसार, थाने की टीम का नेतृत्व करने का एक वर्ष का उनका पूर्व अनुभव इस नई जिम्मेदारी में बेहद उपयोगी होगा। वे कहती हैं कि “मेरे लिए लक्ष्य है—कार्य कुशलता और संवेदनशीलता, दोनों को संतुलित रखते हुए थाने की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना।”
लोकेश बैंसला – प्रभारी, गोंडा थाना
लोकेश बैंसला पहले नंदनी चौकी की प्रभारी थीं और अब उन्हें गोंडा थाने की जिम्मेदारी दी गई है। वे मानती हैं कि महिलाओं को थानों की कमान मिलना उनके आत्मविश्वास को अत्यंत मज़बूती देता है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता ईमानदारी, संवेदनशीलता और बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
सरिता सिंह – प्रभारी, देहलीगेट थाना
सरिता सिंह 1997–98 बैच की अधिकारी हैं और अब तक कई जिलों के थानों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। उन्होंने बताया कि नौकरी की शुरुआत में उनका बेटा छोटा था, लेकिन पारिवारिक सहयोग और अपने समर्पण के बल पर वे लगातार आगे बढ़ती रहीं। उनका कहना है कि अनुभव और दृढ़ इच्छा शक्ति ने उन्हें और मजबूत बनाया है।
एकता सिंह – प्रभारी, एंटी-रोमियो टीम
एकता सिंह मध्य प्रदेश के मिंड जिला से हैं और 2012 बैच की अधिकारी हैं। आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में अनेक बार चौकी प्रभारी के रूप में सेवाएँ दे चुकी हैं। वे बताती हैं कि हर तैनाती में उन्होंने स्वयं को साबित करने और बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास किया है, और अब अलीगढ़ में वे नई ऊर्जा के साथ जिम्मेदारी निभाएँगी।
इन छह महिला अधिकारियों की नियुक्ति अलीगढ़ पुलिस के लिए एक निर्णायक कदम है। यह न केवल प्रशासनिक स्तर पर बदलाव है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि महिलाएँ हर पद और हर दायित्व को समान दक्षता से निभाने की क्षमता रखती हैं।