सुप्रीम कोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस को सख्त निर्देश जारी किए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने कानून-व्यवस्था और न्यायिक आदेशों के पालन को लेकर गंभीर रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को व्यक्तिगत रूप से तलब किया। हालांकि, व्यस्तता का हवाला देते हुए DGP कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सके, जिसके बाद गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश हुए।
सुप्रीम कोर्ट ने किया अनुच्छेद 144 का उल्लेख
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 144 का उल्लेख करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों का पालन सभी राज्य प्राधिकरणों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अदालत ने स्पष्ट रूप से आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी DGP को सौंपी।
इस मामले में याचिकाकर्ता सतिंदर सिंह भसीन को लेकर भी कोर्ट ने कड़ा निर्देश जारी किया। अदालत ने उन्हें तुरंत लुकसर जेल और इकोटेक-1 थाने के पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर लुकआउट नोटिस जारी कर सभी एयरपोर्ट्स को अलर्ट करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की फरारी की संभावना को रोका जा सके।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने नए आपराधिक कानून BNSS, 2023 के तहत भी तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि कानून के तहत सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर देरी न हो।
पुलिस कमिश्नर ने दिलाया भरोसा
सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सभी आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने 4 मई 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आश्वासन दिया है।