अलीगढ़ में अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस विभाग के भीतर जवाबदेही तय करने की मुहिम भी तेज हो गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन के नेतृत्व में अनुशासनहीनता, लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। बीते साढ़े सात माह में 400 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई इसका बड़ा उदाहरण है।
एसएसपी ने दिया था संदेश
20 सितंबर 2025 को कार्यभार संभालने के बाद एसएसपी ने साफ कर दिया था कि आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार, ड्यूटी में लापरवाही या किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी नीति के तहत एक अक्टूबर 2025 से 15 मई 2026 तक 105 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। 119 कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया, जबकि 163 के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनके सेवा रिकॉर्ड में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की गई।
भ्रष्टाचार के मामलों में भी पुलिस विभाग के भीतर कड़ा रुख अपनाया गया है। पांच पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मुकदमे दर्ज किए गए। इसके अलावा गंभीर मामलों में तीन आरक्षियों को सेवा से बाहर का रास्ता दिखाया गया। वहीं पांच अन्य पुलिसकर्मियों को दंडस्वरूप न्यूनतम वेतन श्रेणी में भेजा गया।
एसएसपी ने कहा ये
एसएसपी नीरज जादौन का कहना है कि पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है। उन्होंने सभी कर्मियों को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा करने के निर्देश दिए हैं।
जनता की शिकायतों के लिए पुलिस प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 9458224499 भी जारी किया है। इस पर अवैध गतिविधियों, रिश्वतखोरी, गलत व्यवहार या स्थानीय अपराधों की सूचना दी जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और व्हाट्सएप के जरिए फोटो-वीडियो भी भेजे जा सकते हैं।