संभल। संभल जिला न्यायालय परिसर में पुलिसकर्मियों के बीच हुई मारपीट से हड़कंप मच गया। मोबाइल चोरी के आरोपी को बंदीगृह में रखने को लेकर जीआरपी और बंदीगृह ड्यूटी पर तैनात सिपाही आमने-सामने आ गए। बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। करीब 25 मिनट तक चले विवाद में सिपाहियों की वर्दी भी फट गई। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया।
ये है मामला
बताया गया कि जीआरपी के सिपाही धर्मेंद्र और तारिक मोबाइल चोरी के एक आरोपी को कोर्ट में पेशी के लिए लेकर आए थे। पेशी खत्म होने के बाद वे आरोपी को न्यायालय परिसर के बंदीगृह में जमा कराने पहुंचे। इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद सिपाही विनीत कुमार ने आरोपी को बैरक में रखने पर आपत्ति जताई।
विनीत के मुताबिक आरोपी के पैर में चोट थी। इसलिए उसका कहना था कि उसे तुरंत बैरक में रखने के बजाय वाहन आने तक इंतजार कराया जाए। इसी मुद्दे पर जीआरपी के दोनों सिपाहियों और बंदीगृह के सिपाही के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ देर बाद मामला गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया और फिर मारपीट शुरू हो गई।
कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मियों को आपस में भिड़ता देख वहां मौजूद लोग भी जमा हो गए। अधिवक्ताओं और वादकारियों के बीच भी घटना चर्चा का विषय बन गई। कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। वीडियो बनाने को लेकर भी पुलिसकर्मियों और लोगों के बीच कहासुनी हुई।
सीओ ने लड़ाई रुकवाई
सूचना मिलने पर सीओ चंदौसी विवेक जावला पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को अलग कराया और स्थिति संभाली। सीओ ने बताया कि पुलिसकर्मियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। घटना की जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।