ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में इस बार पुलिसिंग से जुड़ी तकनीक भी लोगों की दिलचस्पी का कारण बनी हुई है। हॉल नंबर-4 में लगाए गए यूपी पुलिस के स्टॉल पर साइबर सुरक्षा, ट्रैफिक मॉनिटरिंग, डिजिटल जांच और रेस्क्यू से जुड़े उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती तीन दिनों में 15 हजार से अधिक लोग इस स्टॉल को देख चुके हैं।
साइबर डेस्क के पास पहुंच रहे लोग
स्टॉल पर सबसे ज्यादा उत्सुकता साइबर हेल्प डेस्क को लेकर दिखाई दे रही है। यहां पुलिसकर्मी युवाओं और अन्य विजिटर्स को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड के बारे में जानकारी दे रहे हैं। यू-फीड मशीन के जरिए मोबाइल से डिजिटल डेटा हासिल करने और जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के इस्तेमाल की प्रक्रिया भी समझाई जा रही है।
ट्रैफिक पुलिसिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी प्रदर्शनी में रखे गए हैं। स्पीड रडार गन से वाहनों की गति जांचने और ब्रीद एनालाइजर से शराब पीकर वाहन चलाने की जांच के बारे में जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, ब्रीद एनालाइजर में कैमरे की सुविधा भी जोड़ी गई है।
पुलिस के फील्ड ऑपरेशन में काम आने वाले बॉडी-वॉर्न कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इनके साथ एटीएस और एसटीएफ से जुड़े सुरक्षा उपकरण, स्नाइपर राइफल, बम निरोधक उपकरण और सामरिक संचार प्रणाली भी प्रदर्शित की गई है।
लोगों को मिल रही जानकारी
रेस्क्यू रोबोट और फायर फाइटिंग रोबोट के जरिए यह दिखाया जा रहा है कि आग या अन्य जोखिम वाली जगहों पर तकनीक किस तरह राहत और बचाव कार्य में मदद कर सकती है। स्टॉल पर महिला सुरक्षा से जुड़ी 1090 हेल्पलाइन, पिंक बूथ और मिशन शक्ति जैसी पहलों की जानकारी भी दी जा रही है।
छात्रों और युवाओं के लिए यह स्टॉल पुलिस के रोजमर्रा के काम में तकनीक की भूमिका को करीब से समझने का मौका बन रहा है। साइबर अपराध से लेकर ट्रैफिक और आपातकालीन स्थिति तक, अलग-अलग क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण यहां प्रदर्शित किए गए हैं।