लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस को फॉरेंसिक और साइबर क्राइम के क्षेत्र में देश का अग्रणी बल बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण पहल हुई। पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में सेंचुरियन यूनिवर्सिटी, ओडिशा और राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल), उत्तर प्रदेश के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
डीजीपी ने कहा ये
इस समझौते का उद्देश्य पुलिसिंग को अकादमिक और तकनीकी अनुसंधान से जोड़ते हुए उसे और अधिक सशक्त बनाना है। एमओयू के जरिए पुलिस कर्मियों को संयुक्त शिक्षण और अनुसंधान, अत्याधुनिक उपकरणों व प्रयोगशालाओं का साझा उपयोग तथा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों से मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस अवसर पर कहा कि, “फॉरेंसिक विज्ञान और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में पुलिस और शैक्षणिक संस्थानों की साझेदारी से नवाचार की नई संभावनाएं खुलेंगी। यह पहल वैज्ञानिक अन्वेषण और आधुनिक पुलिसिंग को नई गति प्रदान करेगी।”

यूपी पुलिस को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से जहां पुलिस की तकनीकी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, वहीं अनुसंधान और नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। साइबर अपराध, डिजिटल सबूतों की जांच और आधुनिक अपराधशास्त्र जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश पुलिस को नई दिशा मिलेगी।