यूपी पुलिस में शीर्ष स्तर पर तैनाती का इंतजार, कई अहम विभागों में नेतृत्व का अभाव

Share This

 

उत्तर प्रदेश पुलिस के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे में इन दिनों नियुक्तियों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के प्रमोशन के बाद भी नई जिम्मेदारियां तय नहीं हो सकी हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण विभाग स्थायी नेतृत्व के बिना संचालित हो रहे हैं। इससे पुलिस मुख्यालय के भीतर संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

कई अफसरों को हाल ही में मिली पदोन्नति

दरअसल, हाल के दिनों में कई अधिकारियों को डीजी रैंक में पदोन्नति मिली, लेकिन उनकी नई तैनाती पर अब तक फैसला नहीं हो पाया। नतीजतन अधिकारी अपने पुराने पदों पर ही कामकाज संभाल रहे हैं। प्रशासनिक हलकों में इसे सामान्य देरी नहीं, बल्कि बड़े स्तर के पुनर्गठन से जोड़कर देखा जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो पुलिस महकमे के कुछ वरिष्ठ अधिकारी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने वाले विभागों में जिम्मेदारी चाहते हैं। पीएसी, इंटेलिजेंस, विजिलेंस और होमगार्ड जैसे विभागों में नियुक्तियों को लेकर मंथन जारी है। इनमें कुछ पद लंबे समय से खाली हैं, जिससे कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ने की चर्चा है।

आर्थिक अपराध शाखा में भी शीर्ष स्तर की स्थायी नियुक्ति अब तक नहीं हो सकी है। परंपरागत रूप से वरिष्ठ स्तर के अधिकारी यहां तैनात होते रहे हैं, लेकिन इस बार फैसला लंबित है। इसी तरह इंटेलिजेंस विंग भी लंबे समय से नियमित प्रमुख के बिना चल रही है।

स्थाई डीजीपी की नियुक्ति के बाद होगा फैसला

पुलिस विभाग के जानकारों का मानना है कि पूरे समीकरण का केंद्र स्थायी डीजीपी की नियुक्ति है। जब तक शीर्ष पद पर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं होती, तब तक बड़े प्रशासनिक बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। मौजूदा डीजीपी अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, इसलिए उनके भविष्य को लेकर होने वाला फैसला बाकी नियुक्तियों की दिशा तय कर सकता है।

प्रदेश में डीजी स्तर के पर्याप्त अधिकारी होने के बावजूद अहम पदों पर तैनाती लंबित रहना कई सवाल खड़े कर रहा है। अब निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *