औरैया में गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी रोहित गिहार को एसटीएफ की लखनऊ यूनिट ने बुधवार को कानपुर के किदवईनगर से गिरफ्तार कर लिया। दिबियापुर निवासी आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था। गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने उसे औरैया पुलिस को सौंप दिया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
ये है मामला
पुलिस के अनुसार रोहित गिहार का आपराधिक रिकॉर्ड पुराना है। उसके खिलाफ चोरी और मारपीट समेत चार मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2021 में दिबियापुर क्षेत्र में चोरी की दो घटनाओं की जांच के दौरान उसका नाम सामने आया था। पुलिस ने उस समय उसे चोरी के सामान के साथ पकड़ा था।
वर्ष 2024 में विकास कुंज निवासी सौरभ कुमार के घर हुई करीब सात लाख रुपये की चोरी में भी रोहित की भूमिका सामने आई। पुलिस के मुताबिक इस वारदात को उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
रोहित का नाम वर्ष 2025 की यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े की जांच में भी सामने आया। 10 जनवरी को औरैया पुलिस लाइन में हुई परीक्षा में मैनपुरी के भोगांव निवासी जितेंद्र कुमार के स्थान पर अभिषेक कुमार के नाम से परीक्षा देने का मामला सामने आया था। जांच में रोहित की संलिप्तता मिलने पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
इसी साल दर्ज हुआ था केस
इसके बाद मार्च 2026 में दिबियापुर पुलिस ने रोहित, उसके भाई बादल और साथी रोहित गिहार उर्फ बुंदेला के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। कार्रवाई के बाद रोहित फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ को उसकी लोकेशन मिलने के बाद टीम ने किदवईनगर में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।