बदायूं के फैजगंज बेहटा क्षेत्र के सीकरी गांव में सरकारी जमीन पर डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाए जाने को लेकर मंगलवार शाम तनाव पैदा हो गया। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पथराव में प्रभारी निरीक्षक समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थानीय लोगों समेत कुल आठ लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। घटना के बाद पुलिस ने 32 नामजद लोगों समेत कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, गांव में सड़क किनारे खलिहान के लिए दर्ज जमीन पर बिना प्रशासनिक अनुमति प्रतिमा स्थापित किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि सरकारी भूमि पर प्रतिमा लगाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति जरूरी है।
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान स्थिति बिगड़ गई। भीड़ की ओर से पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और नारेबाजी के बाद पथराव शुरू हो गया। पुलिस के अनुसार, ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
हंगामे के दौरान सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। तहसील प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। सड़क से गुजर रहे वाहनों को भी कुछ समय के लिए रोके जाने की बात सामने आई।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया।
हो रही तलाश
घटना के बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। वहीं, सरकारी जमीन पर कथित कब्जे के प्रयास को लेकर ग्राम प्रधान की शिकायत पर अलग से मुकदमा भी दर्ज किया गया है। फिलहाल गांव में स्थिति पर पुलिस नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह के नए विवाद को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।