NEET परीक्षा में पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार अब सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर बेहद सतर्क हो गई है। सरकार की कोशिश है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
अफसरों को दिए निर्देश
बैठक में अधिकारियों को परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर हर गतिविधि पर नजर रखी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने साफ किया कि अगर कहीं भी गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सरकार ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात होने वाले कर्मचारियों के लिए भी कड़े नियम लागू करने का फैसला लिया है। सभी कर्मियों का सत्यापन और ई-केवाईसी अनिवार्य होगी। बिना जांच के किसी भी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही ड्यूटी पर लगाए जाने वाले कर्मचारियों का चयन रैंडम प्रक्रिया से किया जाएगा, ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी और पुलिस बल भी तैनात रहेगा। अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।
जानें कब होगी परीक्षा
उत्तर प्रदेश में 32 हजार से अधिक सिपाही पदों के लिए भर्ती परीक्षा 8 से 10 जून के बीच आयोजित होगी। इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।