उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 10 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की तैयारी की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जा सके।
ये है पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, गाजीपुर निवासी अभिषेक यादव गोरखपुर में डायल-112 में तैनात था। 28 जुलाई को 10 वर्षीय बच्ची अपनी बीमार बहन को खाना देने जिला अस्पताल आई थी। घर लौटते समय आरोपी सिपाही ने उसका पीछा किया और बाइक पर बैठाकर करीब 15 किलोमीटर दूर श्मशान घाट ले गया। जांच में आशंका है कि वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया।
बच्ची के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। मामले की जांच के लिए पुलिस की 10 टीमें गठित की गईं। करीब 200 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आरोपी बच्ची के साथ दिखाई दिया। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर गुरुवार सुबह पुलिस ने नदी से बच्ची का शव बरामद कर लिया।
एसएसपी ने दी जानकारी
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी का पहले भी विवादित रिकॉर्ड रहा है। जनवरी 2025 में पश्चिम बंगाल की एक महिला से छेड़छाड़ के आरोप में उसे निलंबित किया गया था। इसके बावजूद वह डायल-112 में तैनात था। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ NSA की कार्रवाई के साथ मजबूत साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में त्वरित सुनवाई कराकर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।