गाजीपुर। पुलिस की वर्दी पहनकर नियमों की अनदेखी करने वाले तीन नए आरक्षियों पर गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने कड़ा एक्शन लिया है। मरदह थाने में तैनात तीन सिपाहियों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बिना अधिकृत ड्यूटी के वाहनों की चेकिंग करने और कथित तौर पर वसूली करने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। एसपी के निर्देश पर तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
कार्रवाई की जद में आए सिपाहियों में अजय सिंह, दीपू कुशवाहा और युवराज सिंह शामिल हैं। तीनों वर्ष 2025 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इसी साल मई में मरदह थाने में उनकी पहली तैनाती हुई थी।
ये था मामला
मामला उस समय सामने आया जब वाहन चालकों को एक्सप्रेसवे के मरदह टोल प्लाजा के आसपास रोककर चेकिंग किए जाने की शिकायतें पुलिस अधिकारियों तक पहुंचीं। जांच में पता चला कि संबंधित सिपाहियों के पास वहां वाहनों की जांच करने के लिए कोई आधिकारिक ड्यूटी या आदेश नहीं था। इसके बावजूद उनके टोल क्षेत्र में पहुंचने और वाहनों को रोकने की शिकायत सही पाई गई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल तीनों आरक्षियों को निलंबित करने का आदेश दिया। निलंबन के दौरान तीनों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। अब विभागीय जांच के जरिए पूरे प्रकरण की पड़ताल की जा रही है।
एसपी ने की कार्रवाई
एसपी डॉ. ईरज राजा ने कहा कि मरदह थाने के तीन आरक्षियों के खिलाफ बिना ड्यूटी टोल प्लाजा पर चेकिंग और वसूली की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद तीनों को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू की गई है। एसपी की इस कार्रवाई को पुलिसकर्मियों की मनमानी और वर्दी के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।