राम मंदिर में भक्तों की भीड़ देखते हुए कमान संभालने गर्भगृह में पहुंचे DG स्पेशल और प्रमुख सचिव गृह

22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद आज यानि कि 23 जनवरी के दिन ही अयोध्या में भारी भीड़ जमा हो गई है। लोग दूर-दूर से रामलला के दर्शन को अयोध्या पहुंच रहे हैं। ऐसे में पुलिस को हालात संभालने की काफी कोशिश करनी पड़ रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो अयोध्या में अब तक 3 लाख लोग रामलला के दर्शन कर चुके हैं। ऐसे में कानून व्यवस्था को संभालने के लिए यूपी के प्रमुख गृह सचिव संजय प्रसाद और डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार गर्भ गृह व्यवस्था देख रहे हैं।

गर्भगृह में मौजूद प्रमुख सचिव-गृह और स्पेशल डीजी-लॉ एंड ऑर्डर

जानकारी के मुताबिक, प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद पहली सुबह अयोध्या के राम मंदिर में रामलला भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। ऐसे में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद बड़ी संख्या में भगवान राम भक्त यूपी के अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं को लगातार दर्शन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है। प्रमुख सचिव-गृह संजय प्रसाद और स्पेशल डीजी-लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार राम मंदिर के गर्भगृह में मौजूद हैं। स्पेशल डीजी खुद हर चीज पर बारीकी से नजर बनाए हैं।

एडीजी ने की अपील

इसी के साथ भक्तों की भीड़ को देखते हुए लखनऊ जोन एडीजी पीयूष मोर्डिया ने कहा कि बड़ी संख्या में भक्त यहां एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है कि किसी भी भक्त को असुविधा न हो। मैं भक्तों से अपील करता हूं कि वे मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन का उपयोग न करें। भक्तों से धैर्य रखने की अपील है।

बाराबंकी पुलिस कर चुकी अपील

इससे पहले आज सुबह से ही वहां इतनी भीड़ है, कि पुलिस को हालात संभालना काफी मुश्किल पड़ रहा है। लखनऊ की और से वाहनों की कतार अयोध्या की तरफ जा रही है। ऐसे में आज सुबह ही बाराबंकी पुलिस ने मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ का हवाला देते हुए उन्हें थोड़ा रुक कर जाने को कहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वो अभी अयोध्या ना जाएं।

आधुनिक तकनीकों की मदद से संभाली जा रही अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस के साथ ATS भी तैनात

जैसे-जैसे 22 जनवरी का दिन पास आ रहा है, वैसे-वैसे लोगों का उत्साह और ज्यादा बढ़ता जा रहा है। इस कार्यक्रम के लिए हजारों लोग 22 जनवरी के दिन अयोध्या पहुंचने वाले हैं। इनमें पीएम मोदी समेत देश के कई दिग्गज शामिल हैं। फिल्म, खेल, साहित्य, लेखन, वैज्ञानिक समेत अन्य जगत के नामचीन लोग भी बहुतायत संख्या में पहुंचेंगे। इसके चलते वहां सुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए गए हैं। इसी क्रम में प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक आयोजन से पहले ही देश की सुरक्षा एजेंसियां अग्नि परीक्षा से गुजर रही हैं। ये इतिहास में पहली बार है, जब कई आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही हैं।

आधुनिक तकनीकों से होगी जांच

जानकारी के मुताबिक, 22 जनवरी के दिन 6,000 से अधिक वीवीआईपी अयोध्या पहुंचेंगे। समारोह में जेड प्लस और वाई प्लस श्रेणी के सुरक्षा वाले अतिथि भी शामिल हैं। ऐसे में फील्ड स्तर पर अलग-अलग टीमें लगातार छानबीन कर रही हैं। इसमें कई आधुनिक तकनीक का सहारा भी लिया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले में ड्रोन के आधार पर एंटी सैबोटॉज चेकिंग हो रही है। 20 टीमें लैंडमाइन डिटेक्शन कर रही हैं। फेशियल रिकग्निशन सिस्टम भी लागू है। इसकी मदद से स्किन पैटर्न को पहचानने से लेकर चेहरे की 3डी आकृति तक बनाई जाएगी।

नदी पर भी फोर्स तैनात

जिले भर में रेड जोन और यलो जोन के लिए त्वरित कार्यवाही के लिए टीमें गठित कर दी गईं हैं। नगर में प्रवेश करने वाले सभी आगंतुकों की निगरानी नगर की सीमाओं से ही शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए दस हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया है। इसके अलावा सरयू नदी में जियो-फेंसिंग प्रणाली लागू की गई है।

इसकी मदद से नदी में किसी तरह की आपराधिक गतिविधि होने पर तत्काल फ्लोटिंग कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगेगा। जल पुलिस को भी भारी तादाद में नदी पर तैनात किया गया है। नगर के प्रमुख स्थान राम की पैड़ी, कनक भवन, सरयू नदी तट, हनुमानगढ़ी, अयोध्या धाम स्टेशन, राम जन्मभूमि मार्ग के इर्द-गिर्द के क्षेत्र सहित अन्य कई स्थान पर एटीएस कमांडो ने बख्तर बंद गाड़ियों और बाइक से रेकी की है।

जब खबर आई कि ‘फैजाबाद डीएम इज नॉट अवेलेबिल’, परिवार में मच गया था हड़कंप

हर कोई 22 जनवरी के दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, क्योंकि 22 जनवरी के दिन ही अयोध्या में बन रहे विशाल राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस दिन को सफल बनाने के लिए बाबरी और राम मंदिर विवाद में कई लोगों ने अपनी जानें गंवाईं हैं। आज भी लोग उस दिन को याद करके सिहर जाते हैं, 2 नवंबर, 1990 को उत्तर प्रदेश पुलिस ने राम रथ यात्रा के बाद अयोध्या में नागरिकों पर गोलियां चलाई थीं। इस घटना के बाद राज्य में दंगे हुए थे और अनौपचारिक रूप से 2,000 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। इस दौरान वहां के डीएम आईएएस रामशरण श्रीवास्तव थे। वो आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका परिवार राम मंदिर के निर्माण से काफी खुश है।

छोटे भाई ने सुनाया किस्सा

उनके परिवार ने एक किस्सा भी साझा किया है कि कैसे विवाद के वक्त एक बार उन्हें लगा था, कि उन्होंने इन दंगों में आईएएस रामशरण श्रीवास्तव को खो दिया है। उनके छोटे भाई कृष्ण शरण ने बताया कि, 17 जुलाई 1987 को रामशरण श्रीवास्तव हरदोई के डीएम थे तब प्रदेश सरकार के एक पत्रवाहक ने सूचना दी कि उन्हें फैजाबाद का डीएम बनाया गया है। दो दिन बाद 19 जुलाई को फैजाबाद जाकर पदभार ग्रहण करने का आदेश था। पहुंचते ही वहां की स्थितियां समझ में आ गईं। यह बहुत कठिन कार्यकाल होने जा रहा था। उस समय राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद विवाद दिन पर दिन उग्र होता जा रहा था।

एक खबर से हिल गया था परिवार

इसी बीच दिन आया 2 नवंबर 1990 का, जब अयोध्या की गलियों में लगातार गोलियां चल रहीं थीं। चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार की आवाजें आ रहीं थीं। इसी बीच बीबीसी अंग्रेजी से ये खबर सामने आई कि फैजाबाद डीएम इज नॉट अवेलेबिल। यानी कि फैजाबाद के डीएम उपलब्ध नहीं हैं ये खबर सुनते ही उनके परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। ये खबर लगते ही कृष्ण शरण हमीरपुर के लिए निकल गए क्योंकि वहां उनके रिश्तेदार के यहां टेलीफोन लगा था। जब फोन के जरिए उनकी बात डीएम रामशरण श्रीवास्तव से हुई। तब जाकर उनकी सांस में सांस आई।

लोग करते हैं याद

आईएएस रामशरण श्रीवास्तव भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन आज भी उनके द्वारा किए गए कामों की वजह से उन्हें याद किया जाता है। वो अपने गांव के लिए लगातार काम करते रहे। उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इंटरमीडिएट और डिग्री कॉलेज की स्थापना में बड़ा सहयोग किया। वह श्री चित्रगुप्त पूजन समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के अलावा कई कायस्थ समितियों के सक्रिय संरक्षक रहे।

अयोध्या: बढ़ाई गई सरयू नदी की निगरानी, जल पुलिस नदी से रखेगी चप्पे-चप्पे पर नजर

हर देशवासी के लिए 22 जनवरी का दिन काफी अहम होता है। दरअसल, इस दिन अयोध्या में बन रहे विशाल राम मंदिर में रामलला को विराजमान किया जाएगा। इसके लिए देशभर के दिग्गज वहां जमा होंगे। खबरों की मानें तो इस दिन पीएम मोदी से लेकर कई बड़े नेता और अभिनेता वहां मौजूद रहेंगे। ऐसे में जल, थल और नभ तीनों जगह सुरक्षा का घेरा मजबूत किया जा रहा है। जिस तरह से जमीन पर पुलिस फोर्स को तैनात किया जा रहा है, ठीक उसी तरह से सरयू नदी पर भी पुलिस का पहरा रहेगा।

फूंक कर कदम रख रहा प्रशासन

जानकारी के मुताबिक, अयोध्या में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री समेत देश के शीर्ष गणमान्य व्यक्तियों का जमावड़ा हो रहा है। इसके लिए एक सप्ताह पहले से ही सुरक्षा के इंतजाम ही नहीं किया जा रहे हैं बल्कि रिहर्सल कर इन व्यवस्थाओं को परखा भी जाएगा। पीएम मोदी के अलावा देशभर के करीब पांच हजार साधु-संत, धर्माचार्य भी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहने वाले हैं। इसीलिए सरयू नदी की तरफ से भी सुरक्षा ढांचा मजबूत किया गया है।

सुरक्षा की नजर से इस वक्त जो भी वोट सरयू में चल रही हैं उनका चिन्हीकरण किया गया है। उनको चलाने वाले नाविकों का वेरिफिकेशन किया गया है। पानी में सुरक्षा कड़ी करने के लिए सरयू नदी पर जल पुलिस की संख्या बढ़ाई गई है और सरयू में निगरानी करने के लिए जल पुलिस को अतिरिक्त हाई स्पीड वोट मुहैया कराई गई है।

इतना सुरक्षा बल होगा तैनात

इसके साथ-साथ पूरा अयोध्या में उड़ने वाले संदिग्ध ड्रोन को नष्ट करने के लिए एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात कर दिए गए हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो 11,000 अतिरिक्त सुरक्षा बल अयोध्या में तैनात किए जाएंगे। इस सुरक्षा व्यवस्था में अर्धसैनिक बल भी होंगे और अयोध्या आने वाले मार्ग और हाईवे पर भी कड़ी निगरानी होगी

Ayodhya: कारसेवकों पर गोली ना चलाने की वजह से सस्पेंड हुए थे तत्कालीन SSP, अब परिवार को मिला प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण

22 जनवरी के दिन के लिए हर कोई काफी उत्साहित है. दरअसल, इस दिन सालों के इंतजार के बाद अयोध्या के विशाल मंदिर में रामलला को विराजमान किया जाएगा। वैसे तो हर हिंदू व्यक्ति इस दिन को लेकर काफी खुश है, लेकिन सबसे ज्यादा खुशी उन लोगों के घरों में दिखाई दे रही है, जो लोग 1992 में अयोध्या में मौजूद थे। इसी क्रम में आज तत्कालीन अयोध्या एसएसपी का परिवार काफी खुश है। दरअसल, भले ही तत्कालीन अयोध्या एसएसपी और जिले से सांसद रहे दिवगंत पूर्व एसएसपी डीबी रॉय इस वक्त दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके पुत्र पुनीत राय को प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण पहुंचा है। जिस वजह से उनके घर में खुशी का माहौल है।

हुए थे सस्पेंड

जानकारी के मुताबिक, तत्कालीन अयोध्या एसएसपी रहे डीबी राय के पुत्र पुनीत राय ने बताया कि भगवान श्रीराम के प्रति जो आस्था पिताजी की थी, उतनी ही आस्था आज हम लोगों के दिल में हैं। सन 1992 की अयोध्या कारसेवा में पिताजी ने निहत्थे कारसेवकों पर गोली नहीं चलवाई थी, जिसके कारण उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। सस्पेंशन के बाद कोर्ट में सीबीआई चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई। ऐसे में 6 महीने बाद वो बहाल हो गए।

तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को इस्तीफा सौंपा, उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया। अंत में उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी तब जाकर 1996 में इस्तीफा मंजूर हुआ लेकिन वेतन एवं पेंशन रोक दिया गया था। इसके बाद भी वो कभी झुके नहीं और उन्होंने अंत तक यही कहा कि मुझे इस बात का जरा सा भी दुख नहीं है कि कारसेवकों पर गोली नहीं चलाने की वजह से मुझे सस्पेंड किया गया।

खुश है परिवार

ऐसे में अब जब डीबी राय के परिवार को मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण पहुंचा है तो वो काफी खुश हैं, क्योंकि अभी तक जिले में किसी भी व्यक्ति को प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं मिला है। ऐसे में वो इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान कड़ी रहेगी सुरक्षा व्यवस्था, चप्पे-चप्पे पर अभी से पुलिस तैनात

22 जनवरी का दिन हर किसी के लिए बेहद खास होने वाला है। दरअसल, इस दिन अयोध्या के में तैयार हो रहे विशाल राममंदिर में रामलला की मूर्ति विराजमान की जाएगी। ऐसे में लोग इस कार्यक्रम के लिए पीएम मोदी से लेकर तमाम दिग्गज नेता और अभिनेता वहां पहुंचेगे। हजारों-लाखों की तादाद में मंदिर में लोगों के पहुंचने की उम्मीद लगाई जा रही है। ऐसे में जिले की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की जा रही है।

किए गए कड़े इंतेजाम

जानकारी के मुताबिक, अयोध्या में राम लला (शिशु भगवान राम) के प्राण-प्रतिष्ठा (अभिषेक) समारोह के लिए वैदिक अनुष्ठान मुख्य समारोह से एक सप्ताह पहले 16 जनवरी को शुरू होंगे। वाराणसी के एक पुजारी, लक्ष्मी कांत दीक्षित, 22 जनवरी को राम लला के अभिषेक समारोह का मुख्य अनुष्ठान करेंगे। 14 जनवरी से 22 जनवरी तक, अयोध्या में अमृत महोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए जिले में कड़ी सुरक्षा के इंतेजाम किए जा रहे हैं।

हर जगह पर होगी फोर्स तैनात

हाल ही में अयोध्या पुलिस ने आगामी ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के संबंध में श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। इसमें ये साफ तौर पर कहा गया कि जिले में अभी से भारी तादाद में पुलिस की तैनाती कर दी गई है और पूरे जिले में राम मंदिर के आसपास के इलाकों और टेंट सिटी में आर्टिफिशिय इंटेलिजेंस से संचालित सीसीटीवी लगाए गए हैं।

पुलिस ने ये भरोसा दिलाया है कि इस भव्य समारोह के लिए शहर आने वाले तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। पुलिस को हर जगह इस तरह से तैनाती की जाएगी कि किसी को भी किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए अतिरिक्त पुलिसबल को भी तैयार कर दिया गया है।