मेरठ: महिला दरोगा अनु कॉलिस से जुड़ा कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। निलंबन के करीब एक सप्ताह बाद अनु ने यूट्यूब पर लाइव आकर वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें जिस तरह पेश किया जा रहा है, उससे उनकी और उनके परिवार की जिंदगी प्रभावित हुई है।
पहले अनु के बारे में जानिए
अनु कॉलिस 2023 बैच की यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर हैं। वह मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली बताई जाती हैं। मेरठ में वह रोहटा थाना और ब्रह्मपुरी थाने में तैनात रह चुकी हैं। फिलहाल वह एसएसपी कार्यालय से जुड़ी थीं।
16 अगस्त 2026 को पुलिस आचरण नियमावली के उल्लंघन और कथित आपत्तिजनक वीडियो के मामले में तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय के आदेश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। मामले की जांच एसपी क्राइम अवनीश कुमार को सौंपी गई है।
यूट्यूबर के आरोपों पर क्या बोलीं अनु?
विवाद उस समय बढ़ा, जब इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर ने अनु से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। पोस्ट में उन पर क्यूआर कोड के जरिए कथित अश्लील वीडियो बनाने, लाइव आने और फंडिंग लेने जैसे आरोप लगाए गए थे। इसके बाद मामला पुलिस जांच तक पहुंचा।
अब अनु ने लाइव आकर इन आरोपों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस फ्रॉक को लेकर उनकी तस्वीरों और वीडियो को आपत्तिजनक तरीके से पेश किया गया, वह उन्होंने अपनी मां के साथ आगरा के एक मॉल से खरीदी थी। उन्होंने इसी फ्रॉक में लाइव आकर कहा कि उनके परिवार में इस तरह के कपड़े पहनना सामान्य है।
क्यूआर कोड को लेकर अनु ने कहा कि वह उनके इंस्टाग्राम अकाउंट का क्यूआर कोड था। उनका कहना था कि वह लोगों से अपने सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो और सब्सक्राइब करने के लिए कहती थीं।
‘पांच दिन से कमरे में बंद हूं’
लाइव के दौरान अनु भावुक भी नजर आईं। उन्होंने कहा कि विवाद के बाद वह कई दिनों से कमरे में बंद हैं और मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। उनके मुताबिक, उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और उनके परिवार के सदस्यों को भी आपत्तिजनक बातें सुननी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मां और भाई को भी इस विवाद का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
अनु ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कंटेंट सिर्फ व्यूज हासिल करने के लिए बनाया गया। उन्होंने कहा कि उन पर सेक्स चैट करने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं और सवाल किया कि क्या यूट्यूब ऐसे कंटेंट को प्रमोट करता है।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि उनके खिलाफ जो भी स्क्रीनशॉट या सामग्री है, उसे पुलिस विभाग, साइबर थाना या एसएसपी तक भेजा जा सकता है। अनु ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जांच से पीछे नहीं हटेंगी और अपने बचाव में कानूनी व विभागीय प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि अगर जांच होगी तो वह अपना पक्ष रखेंगी, क्योंकि उनका दावा है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है।