अयोध्या के रुदौली थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। दलित युवक के साथ अभद्रता और मारपीट के आरोप सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में कार्रवाई करते हुए रुदौली कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर संतोष कुमार यादव और सिपाही अजीत यादव को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच बैठा दी गई है।
ये है मामला
बताया जा रहा है कि दलसराय गांव निवासी मनोज गौतम को चोरी के संदेह में पुलिस ने थाने बुलाया था। युवक का आरोप है कि पूछताछ के नाम पर उसे घंटों बैठाकर पीटा गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और परिवार की महिलाओं को उठवा लेने तक की धमकी दी। पीड़ित के मुताबिक उससे पैसों की मांग भी की गई थी। बाद में पुलिस ने उसका शांति भंग में चालान कर दिया।
मामला उस समय और गरमा गया जब घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद दलित समाज और कई सामाजिक संगठनों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कार्रवाई की मांग बढ़ने पर पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया।
CO ने कहा ये
सीओ आशीष निगम ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही और मनमानी करने के आरोप लगे हैं। इसी आधार पर एसएसपी ने उन्हें लाइन हाजिर करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। वहीं कोतवाल संजय मौर्य ने कार्रवाई की पुष्टि की, लेकिन मामले के संबंध में ज्यादा जानकारी होने से इनकार किया।
घटना के बाद पुलिस विभाग में चर्चा तेज है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।