वाराणसी पुलिस लाइन परिसर में शुक्रवार को पुलिस प्रशासन की तैयारियों और व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की गई। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में परेड, सैनिक सम्मेलन और दंगा नियंत्रण ड्रिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल की कार्यक्षमता को परखना, अनुशासन को मजबूत करना और आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करना रहा।
डीसीपी ने सुनी परेशानियां
डीसीपी प्रमोद कुमार ने सम्मेलन के दौरान पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस बल में अनुशासन बनाए रखने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया। एसीपी गौरव कुमार ने बताया कि दंगा नियंत्रण ड्रिल के माध्यम से पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के तौर-तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान दंगा निरोधक वाहनों और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच कर उनकी कार्यक्षमता भी परखी गई।
अधिकारियों ने अर्दली रूम का निरीक्षण कर अभिलेखों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। पुलिस लाइन स्थित मेस में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया। पुलिसकर्मियों के लिए पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। ड्यूटी रोस्टर की समीक्षा करते हुए यह निर्देश भी दिए गए कि किसी भी पुलिसकर्मी को लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनात न रखा जाए।
अफसरों ने दी जानकारी
इसके अलावा पुलिस लाइन में आने वाले बाहरी व्यक्तियों और वाहनों का पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करने के निर्देश दिए गए। घुड़सवार दल और स्वान दल की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। यूपी-112 वाहनों की उपलब्धता और उनमें लगे उपकरणों की स्थिति जांची गई। परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का निरीक्षण किया गया। साथ ही ड्रोन कैमरों के जरिए साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखे जाने की जानकारी भी अधिकारियों ने दी।