उत्तर प्रदेश में पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि भर्ती की प्रत्येक प्रक्रिया तकनीक की निगरानी में संपन्न होनी चाहिए ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा और मजबूत हो सके।
जल्द शुरू होगी भर्ती
समीक्षा बैठक में सामने आया कि प्रदेश में इस समय 81 हजार से अधिक रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई चल रही है। इनमें पुलिस विभाग के साथ-साथ होमगार्ड्स के पद भी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी चयन प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उप निरीक्षक भर्ती के अंतिम परिणाम जुलाई में घोषित किए जा सकते हैं, जबकि होमगार्ड भर्ती की विभिन्न चरणों की प्रक्रिया जुलाई और अगस्त में आयोजित होने की तैयारी है। वहीं सिपाही भर्ती परीक्षा जून में प्रस्तावित है, जिसके लिए लाखों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
मुख्यमंत्री ने भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से भर्ती प्रक्रिया को और अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित हों।
बेहद जरूरी है प्रशिक्षण
बैठक में पदोन्नति संबंधी मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हजारों पुलिसकर्मियों की पदोन्नति प्रक्रिया भी विभिन्न चरणों में चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित और सक्षम पुलिस बल की उपलब्धता आवश्यक है, इसलिए भर्ती और पदोन्नति दोनों प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।