रामपुर। जिले में पशु वध और तस्करी के मामलों को लेकर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह का एक बयान अब चर्चा का केंद्र बन गया है। एसपी के एक वीडियो क्लिप के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग उनके बयान में इस्तेमाल किए गए शब्दों पर आपत्ति जता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्ती बता रहे हैं।
पिछले दिनों में कई मामले आए सामने
पिछले कुछ दिनों में रामपुर में पशु तस्करी और वध से जुड़े कई मामले सामने आए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कुछ मामलों में पुलिस और तस्करों के बीच मुठभेड़ भी हुई थी। इसी कार्रवाई के बीच एसपी अनिल कुमार सिंह ने इन घटनाओं को लेकर अपना पक्ष रखा।
एसपी ने कहा कि पशु वध और तस्करी जैसे मामलों में किसी भी व्यक्ति को धार्मिक भावनाओं और आस्था को ठेस पहुंचाने वाले कार्यों से बचना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के जिम्मेदार लोगों के साथ संवाद कर स्थिति को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।
हालांकि, बयान के दौरान कही गई कुछ बातों को लेकर विवाद शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के कुछ हिस्सों को लेकर लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। आरोप लगाया जा रहा है कि बयान में समुदाय विशेष को लेकर कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल हुआ, जो उचित नहीं थे।
लोग कर रहे समर्थक
दूसरी तरफ, कुछ लोगों का कहना है कि एसपी का निशाना किसी पूरे समुदाय पर नहीं, बल्कि उन लोगों पर था जो कानून तोड़ने वाली गतिविधियों में शामिल हैं। उनके मुताबिक पुलिस अधीक्षक ने केवल अपराध रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।