हमीरपुर। कर्तव्यनिष्ठा, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देने वाले हमीरपुर कोतवाली नगर में तैनात रिक्रूट आरक्षी आदर्श मिश्रा को पुलिस अधीक्षक ने सम्मानित किया है। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की समय रहते सीपीआर (CPR) देकर जान बचाने में अहम भूमिका निभाने पर उन्हें प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।
ये था मामला
दरअसल, 5 अगस्त 2026 को थाना सुमेरपुर क्षेत्र के कुण्डौरा शिव मंदिर के पास रोडवेज बस और टैंकर की आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई थी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल हुए थे। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल हमीरपुर लाया गया। इलाज के दौरान एक घायल की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसकी सांसें थमने लगीं।
अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद रिक्रूट आरक्षी आदर्श मिश्रा ने बिना समय गंवाए तत्काल सीपीआर देना शुरू किया। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से घायल की सांसें दोबारा चलने लगीं। मौके पर मौजूद चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य लोगों ने उनके इस मानवीय कार्य की सराहना की।
एसपी ने किया सम्मानित
आदर्श मिश्रा के इस सराहनीय कार्य को देखते हुए 6 अगस्त 2026 को पुलिस कार्यालय, हमीरपुर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान एसपी ने कहा कि आदर्श मिश्रा ने साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। उनका यह कार्य न केवल पूरे पुलिस विभाग के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि पुलिस की संवेदनशील और सकारात्मक छवि को भी मजबूत करता है।
सम्मान समारोह में अपर पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे। पुलिस विभाग ने उम्मीद जताई कि आदर्श मिश्रा जैसे कर्मठ और संवेदनशील पुलिसकर्मी भविष्य में भी समाज सेवा और जनहित के कार्यों में इसी तरह मिसाल कायम करते रहेंगे।