उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तितावी थाना क्षेत्र में स्मैक तस्करी के एक मामले में वांछित आरोपियों को बचाने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है।
ये था मामला
जानकारी के अनुसार, 20 मार्च को पुलिस ने लगभग 50 लाख रुपये की कीमत की 270 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने अपने अन्य साथियों के नाम बताए थे, जिन्हें पकड़ने के बजाय कथित तौर पर थाने के कुछ पुलिसकर्मियों ने पैसे की डील की। आरोप है कि थानाध्यक्ष पवन चौधरी के नाम पर सिपाही अनीस और नवीन कुमार ने फरार आरोपियों को न पकड़ने के बदले 3 लाख रुपये की मांग की, जिसमें 2.85 लाख रुपये लिए जाने का दावा किया गया।
इस मामले में एक महिला शाहिदा का वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उसने रिश्वत देने और डील की पूरी जानकारी सार्वजनिक की। महिला ने आरोप लगाया कि पैसे लेने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई की और बाद में दबिश भी दी।
एसएसपी ने कहा ये
मामला सामने आने के बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने गंभीरता दिखाते हुए जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर तितावी थानाध्यक्ष पवन चौधरी, सिपाही अनीस और नवीन कुमार को निलंबित कर दिया गया। मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी गई है।
इसके साथ ही बघरा चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार को तितावी थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस पूरे प्रकरण ने पुलिस की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर भारी चर्चा हो रही है।