महोबा। श्रीनगर थाना क्षेत्र में सड़क पर भटक रही पांच साल की बच्ची के लिए यूपी-112 की पीआरवी टीम फरिश्ता बनकर पहुंची। बच्ची अपना नाम और पता ठीक से नहीं बता पा रही थी। वह केवल कुछ इशारे कर रही थी और पिता का नाम राकेश बता पा रही थी। पुलिसकर्मियों ने बच्ची को भरोसे में लेकर उसके इशारों को समझा और आखिरकार उसे उसके घर तक पहुंचा दिया।
ये है मामला
मामला महोबा-श्रीनगर मार्ग पर पुरवार पेट्रोल पंप के पास का है। यहां लोगों ने एक मासूम बच्ची को अकेले इधर-उधर भटकते देखा। बच्ची काफी घबराई हुई थी और अपने घर या परिवार के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना यूपी-112 को दी।
सूचना मिलते ही श्रीनगर थाना क्षेत्र में तैनात पीआरवी-7336 मौके पर पहुंची। पीआरवी कमांडर कांस्टेबल शमीम खान और पायलट रणजीत सिंह ने बच्ची को अपने संरक्षण में लिया। पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ करने की कोशिश की, लेकिन बच्ची ज्यादा कुछ बता नहीं पा रही थी। वह सिर्फ अपने पिता का नाम राकेश बता रही थी।
पुलिसकर्मियों ने बच्ची को डांटने या दबाव डालने के बजाय प्यार से बातचीत की। कुछ देर बाद बच्ची ने इशारों के जरिए अपनी बात समझानी शुरू की। वह जिस दिशा में इशारा करती, पुलिस टीम उसी दिशा में आगे बढ़ती गई।
इशारों से मिली मदद
इन्हीं इशारों की मदद से पुलिस टीम बच्ची को श्रीनगर के बजरंग नगर तक लेकर पहुंची। वहां बच्ची ने अपने घर की पहचान की। मौके पर उसके पिता राकेश कुमार पुत्र चंद्र प्रकाश मिले। पुलिस ने बच्ची को सकुशल उसके पिता के सुपुर्द कर दिया।
बेटी के सुरक्षित वापस मिलने के बाद स्वजन ने राहत की सांस ली। यूपी-112 की नोडल अधिकारी एवं एएसपी वंदना सिंह ने पीआरवी टीम के इस कार्य की सराहना की। पुलिसकर्मियों की सूझबूझ और संवेदनशीलता की वजह से बच्ची कुछ ही समय में अपने परिवार तक पहुंच सकी।