CM की सख्ती के बाद सड़क पर उतरे अफसर…हटवाया अतिक्रमण

गोरखपुर शहर में 253 दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया गया है। अफसरों ने दुकानदारों को चेतावनी दी-अभी चेता रहे हैं, नहीं माने तो जुर्माना और केस दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करेगी। मकसद है कि आम लोगों को सड़क के चौड़ीकरण का फायदा मिले और जाम की वजह से परेशान न होना पड़े। रेलवे स्टेशन पर अभियान के तहत अतिक्रमण हटाते एसडीएम व एएसपी मानुष पारिक। गोरखपुर शहर में अव्यवस्थित ऑटो, ई-रिक्शा, अतिक्रमण से लगने वाले जाम को लेकर सीएम ने नाराजगी जताई तो बृहस्पतिवार को पुलिस और प्रशासनिक अफसर सड़क पर नजर आए

फिर संयुक्त अभियान चला और चौराहों पर खड़े 107 ई-रिक्शा को सीज किया गया। इतना ही नहीं, सड़कों पर कब्जा कर ठेला लगाए 1739 लोगों को हटाया गया। मोहद्दीपुर, रेलवे स्टेशन रोड पर एसडीएम के साथ पहुंचे एएसपी मानुष पारिक ने दुकानों के बाहर रखे सामान को भी हटवाया और चेतावनी दी।

शहर में 253 दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया गया है। अफसरों ने दुकानदारों को चेतावनी दी-अभी चेता रहे हैं, नहीं माने तो जुर्माना और केस दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करेगी। मकसद है कि आम लोगों को सड़क के चौड़ीकरण का फायदा मिले और जाम की वजह से परेशान न होना पड़े।

बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे के करीब एएसपी मानुष पारिक पुलिस फोर्स के साथ मोहद्दीपुर रोड पर निकले। जैसे ही चौराहे से आगे बढ़े एक होटल के बाहर ऑटो, ई-रिक्शा की वजह से जाम लगा था। पुलिस को देखते ही सभी भागने लगे, लेकिन कुछ ऐसे भी थे, जिन पर असर नहीं दिखा। ऐसे लोगों के वाहनों को सीज कर पुलिस लाइंस भेज दिया गया। फिर एक लाइन से कुनराघाट तक पुलिस प्रशासन की टीम ने एलाउंस कर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी। कहा कि अतिक्रमण मिला तो समझाया नहीं जाएगा, बल्कि कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी चौक से रेलवे स्टेशन रोड पर दुकान के बाहर ही दुकानदारों ने कब्जा कर रखा था। यहां पर सर्वाधिक 170 दुकानों के बाहर कब्जा मिला,जिसे हटाया गया और फिर न लगाने की चेतावनी दी गई। उधर सीओ गोरखनाथ रत्नेश सिंह जैसे ही धर्मशाला पर पहुंचे ऑटो वाले भागने लगे, लेकिन यहां पर कई बार कहने के बाद भी बेतरतीब खड़े ऑटो को पुलिस ने पकड़ा और सीज कर पुलिस लाइंस भेज दिया गया। एसपी ट्रैफिक श्यामदेव विंद ट्रांसपोर्ट नगर से पैडलेगंज, मोहदीपुर से सिविल लाइंस, धर्मशाला से गोरखनाथ रूट पर अतिक्रमण हटवाए तो एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने नौकायन रोड पर अतिक्रमण को हटवाया

मौका कहीं चूक ना जाए, यातायात पुलिस के 2287 रिक्त पदों पर होगी तैनाती

डीजीपी विजय कुमार ने हाल ही में सभी एडीजी जोन और पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर यातायात पुलिसकर्मियों के नामांकन,चयन,प्रशिक्षण,नियुक्ति और स्थानांतरण आदि के संबंध में जारी सभी आदेशों को अतिक्रमित करते हुए नए आदेश जारी किए हैं।

डीजीपी मुख्यालय यातायात पुलिस में रिक्त चल रहे मुख्य आरक्षी और आरक्षी के 2287 पदों को भरने की तैयारी में है। इसके लिए सभी एडीजी जोन और पुलिस कमिश्नर से नागरिक पुलिस के मुख्य आरक्षी और आरक्षी मांगे गये हैं। इनको प्रशिक्षण देने के बाद जिलों में तैनात किया जाएगा। इससे कमिश्नरेट और जिलों में होने वाली जाम की समस्या से खासी राहत मिल सकती है।

बता दें कि डीजीपी विजय कुमार ने हाल ही में सभी एडीजी जोन और पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर यातायात पुलिसकर्मियों के नामांकन, चयन, प्रशिक्षण, नियुक्ति और स्थानांतरण आदि के संबंध में जारी सभी आदेशों को अतिक्रमित करते हुए नए आदेश जारी किए हैं।

इन पदों को भरने के लिए 35 वर्ष से कम आयु

दरअसल, प्रदेश के समस्त कमिश्नरेट एवं जिलों में नागरिक पुलिस से यातायात पुलिस के लिए मुख्य आरक्षी के 1512 और आरक्षी के 4336 पद आवंटित हैं। यातायात निदेशालय द्वारा जिलों से प्राप्त सूचना के मुताबिक इनमें मुख्य आरक्षी के 100 पद और आरक्षी के 2187 पद रिक्त चल रहे हैं। इन पदों को भरने के लिए 35 वर्ष से कम आयु के आरक्षी और 55 वर्ष से कम उम्र के मुख्य आरक्षी मांगे गए हैं। इनका चयन ज्येष्ठता के आधार पर किया जाएगा। कर्मियों के चयन के दौरान उनके ओवरवेट नहीं होने का खास ध्यान रखने को कहा गया है।

सातों कमिश्नरेट में आरक्षियों की कमी

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सातों कमिश्नरेट में आरक्षी के पद रिक्त चल रहे हैं, जबकि मुख्य आरक्षी स्वीकृत पदों से ज्यादा तैनात हैं। लखनऊ में 119 मुख्य आरक्षियों की जगह 162 तैनात हैं। जबकि 495 आरक्षी में से 171 पद रिक्त हैं। गौतमबुद्धनगर में 87 की जगह 227 मुख्य आरक्षी तैनात हैं, जबकि 179 आरक्षी के पद रिक्त हैं।

क्या कितने पद

कानपुर में भी 38 की जगह 227 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 117 पद रिक्त हैं। वाराणसी में 78 की जगह 110 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 104 पद रिक्त हैं। आगरा में 73 की जगह 168 मुख्य आरक्षी तैनात हैं, जबकि आरक्षी के 161 पद रिक्त हैं। प्रयागराज में 60 की जगह 94 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 104 पद रिक्त हैं। गाजियाबाद में 78 के बजाय 260 मुख्य आरक्षी हैं, जबकि आरक्षी के 31 पद रिक्त

 

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5 किलो की राइफल से चीनी सैनिक को दिया था जवाब, अब उस थ्री नॉट थ्री की 7000 बंदूकें हटाएगी दिल्ली पुलिस

दशकों तक दिल्ली पुलिस का हिस्सा रही ब्रिटिशकालीन .303 राइफलों को पुलिस बल से जल्द ही हटा दिया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। दिल्ली पुलिस के अनुसार कम से कम 7,000 ऐसे हथियारों को बल से हटाने की तैयारी है। इसे ‘थ्री-नॉट-थ्री’ राइफल के रूप में जाना जाता है। अधिकारी ने कहा, ‘इन हथियारों का इस्तेमाल वर्षों पहले ही बंद हो गया था और अब उन्हें नष्ट करने की तैयारी है।’ ये .303 राइफल दिल्ली पुलिस की शस्त्रागार इकाई में रखी गई हैं।

ब्रिटेन में बनी और विश्व युद्ध में चली
सूत्रों के मुताबिक, इन हथियारों को नष्ट करने की निगरानी के लिए एक संयुक्त आयुक्त रैंक के अधिकारी को नियुक्त किया गया है। पूरा अभियान गृह मंत्रालय द्वारा गठित समिति की निगरानी में किया जाएगा। .303 कैलिबर ली-एनफील्ड राइफल शुरू में ब्रिटेन के हथियार कारखाने में निर्मित की गई थी और प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में इनका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया था।

भारत ने लड़ी 62 की लड़ाई
भारत में इन राइफल का इस्तेमाल 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान भारतीय सेना द्वारा किया गया था और बाद में राज्य पुलिस बलों को सौंप दिया गया था। पुलिस उपायुक्त (प्रावधान एवं रसद) विनीत कुमार ने पुष्टि की कि हथियार नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है

5 किलोग्राम है वजन
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इन हथियारों में से प्रत्येक का वजन लगभग पांच किलोग्राम है। उन्होंने कहा कि इन हथियारों को नष्ट करने की प्रक्रिया लंबी है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत हथियारों के प्रत्येक हिस्से को हटाना और नष्ट करना शामिल है।

अधिकारी ने बताया कि हथियारों को नष्ट करने से पहले, बैरल और इसके अन्य हिस्सों को अलग कर दिया जाता है ताकि इसका आगे इस्तेमाल न किया जा सके और उसके बाद इन हथियारों का लोहा पिघलाया जाता है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के पुलिस बल पहले ही .303 राइफल का इस्तेमाल बंद कर चुके हैं।

सिपाही का पैसे लेते वीडियो वायरल,अधिकारी बोले-आपसी लेन-देन

थाने के सिपाही मोनू चौधरी का एक व्यक्ति से पैसे लेने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसे निजी लेनदेन का मामला बताया है। एसएसपी ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि सिपाही के फॉरच्यूनर कार में बैठे व्यक्ति से लेन-देन का वीडियो वायरल होने की जानकारी मिली थी।

जांच में सामने आया कि कार में बैठा व्यक्ति जितेंद्र सिपाही का जानकार है। दोनों एक दूसरे के परिचित हैं। निजी लेन-देन का मामला है। जितेंद्र कुमार से भी बुलाकर पूछा गया है। इनके द्वारा कोई पैसे मांगने वाली बात प्रकाश में नहीं आई है।

एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में भावनपुर निवासी आशिया पत्नी असलूफ सैफी ने कहा था कि उनके बेटे अजरुद्दीन का पत्नी हिना से विवाद चल रहा है। बताया कि उनका बेटा सात नवंबर की शाम साढ़े तीन बजे घर से गया था, लेकिन नहीं लौटा। आरोप है कि अजरूद्दीन के साले सलीम और शमशाद निवासी शेखपुरी भोला रोड थाना जानी उसे जान से मारने की धमकी दे चुके हैं। उन्होंने अजरूदीन के ससुराल पक्ष के लोगों पर अपहरण की आशंका जताई।

बताया गया कि आठ नवंबर को दोपहर एक बजे मोनू चौधरी नाम का पुलिस वाला अजरूद्दीन के साले और अन्य लोगों के साथ पहुंचा और हिना को ले जाने लगा। विरोध किया तो सिपाही ने धक्का-मुक्की की। आरोप लगाया कि सिपाही मोनू चौधरी ने अजरूदीन के साले शमशाद से पैसे लिए हैं।

इसका वीडियो भी उन्होंने पुलिस अधिकारियों को दिया। इसमें सिपाही स्कार्पियो में बैठे व्यक्ति से पैसे ले रहा है। पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों द्वारा सिपाही को क्लीनचिट दिए जाने पर अजरूद्दीन के परिजनों का कहना है कि वे इस मामले में शुक्रवार को एडीजी से शिकायत करेंगे। अगर तब भी कार्रवाई नहीं हुई तो लखनऊ में शिकायत करेंगे।

महादेव एप के 18 आरोपियों पर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का चला चाबुक, गैंगस्टर की कार्रवाई कर केस किया दर्ज

देश भर में चर्चित महादेव बेटिंग ऐप के माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले 18 आरोपियों के खिलाफ नोएडा पुलिस करेगी गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर हुई कार्रवाई। केंद्र सरकार ने ईडी के आग्रह पर महादेव सट्टेबाजी ऐप पर प्रत‍िबंध लगा द‍िया है।एप को बंद करने के लिए नोएडा पुलिस ने भी लिखा था पत्र। इस बेटिंग ऐप के चलते ही कई फिल्म स्टार भी अलग-अलग एजेंसियों के रडार पर हैं।

सेक्टर 39 में केस दर्ज

नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का एक बड़ा एक्शन देखने को मिला है। जिसमें पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने महादेवा एप के 18 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई है। पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद नोएडा के सेक्टर 39 में 18 लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई करने में जुटी है।

एल्विश यादव सांप कांड में नया अपडेट, पुलिस को मिली पांचों आरोपियों की कस्टडी, 7 दिन बाद आएगी फॉरेंसिंक रिपोर्ट

फेमस यूट्यूबर और ‘बिग बॉस ओटीटी सीजन 2’ के विनर एल्विश यादव के सांप कांड मामले में नया अपडेट सामने आया है। नोएडा पुलिस को रेव पार्टी में सांपों के जहर के इस्तेमाल के केस में गिरफ्तार पांच आरोपियों की 12 नवंबर तक हिरासत मिली है। इसके अलावा इसमें एल्विश की भूमिका की जांच भी की जा रही है। नोएडा से जब्त किए गए जहर के नमूने टेस्ट के लिए जयपुर की फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को भेज दिए गए थे, जिसकी रिपोर्ट सात दिन बाद आएगी। इस विवाद के बीच एल्विश ने सलमान खान के साथ एक फोटो शेयर की है, जो वायरल हो रही है

सपेरों समेत पांच लोग और यूट्यूबर Elvish Yadav वन्यजीवन संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों और भादंसं की आपराधिक साजिश धारा के तहत दर्ज मामले में छह नामजद आरोपी हैं। आरोपियों राहुल (32), टीटू नाथ (45) ,जयकरण (50) ,नारायण (50) और रवि नाथ (45) को 3 नवंबर को नोएडा के एक बैंक्वेट हॉल से गिरफ्तार किया गया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। पांचों साउथ ईस्ट दिल्ली के बदरपुर में मोहरबंद गांव के रहने वाले हैं।