जौनपुर के जलालपुर क्षेत्र में तीन लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक उप निरीक्षक समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। आरोप है कि पीड़ितों की शिकायत पर समय रहते मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई भी नहीं हुई।
ये है मामला
मामला इजरी गांव का है। शकरमंडी निवासी आकाश सेठ ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें कम कीमत पर सोना उपलब्ध कराने का भरोसा देकर गांव बुलाया था। आकाश अपने दोस्त सौरभ के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचे। वहां सोना देने के बजाय आरोपियों ने कथित तौर पर दोनों से करीब तीन लाख रुपये छीन लिए। विरोध करने पर धमकी देकर उन्हें वहां से जाने को कहा गया।
घटना के बाद पीड़ितों ने स्थानीय स्तर पर शिकायत की, लेकिन कार्रवाई में देरी होने पर आकाश ने मंगलवार शाम डीआईजी के सीयूजी नंबर पर संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में लापरवाही की पुष्टि होने पर हल्का प्रभारी उप निरीक्षक रामभुवन यादव के साथ सिपाही राज सिंह और शिवा सिंह, हेड मुहर्रिर संतोष मिश्रा तथा कंप्यूटर ऑपरेटर महेंद्र पर कार्रवाई की गई।
आरोपी हर गिरफ्तार
दूसरी ओर, पुलिस ने लूट की वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अजय सिंह उर्फ पिंटू, शुभम सिंह और इंद्रजीत सरोज के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से तीन लाख रुपये, फॉर्च्यूनर कार और चार मोबाइल बरामद किए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक शहर आयुष श्रीवास्तव के मुताबिक, आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस अब उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है।