रविवार को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण अपनी पत्नी आईआरएस अधिकारी मीनाक्षी सिंह के साथ आगरा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सर्किट हाउस में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य फोकस सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण, यातायात व्यवस्था में सुधार और अपराधों पर सख्त कार्रवाई रहा।
डीजीपी ने कहा ये
डीजीपी ने कहा कि सड़क हादसे प्रदेश में एक गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं और इनमें होने वाली मौतों की संख्या हत्या व लूट जैसी वारदातों से भी अधिक है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को शून्य पर लाने के लक्ष्य के साथ काम किया जाए।
हर हादसे की गहराई से समीक्षा की जाए और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने रोड इंजीनियरिंग से जुड़ी खामियों को संबंधित विभागों के सहयोग से दूर करने, साइनेज, स्पीड कंट्रोल, लाइटिंग और बैरिकेडिंग की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
डीजीपी ने टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसके स्थायी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टोलकर्मियों से संवाद स्थापित कर यातायात को सुचारू बनाया जाए, ताकि आम जनता को जाम से राहत मिल सके। साथ ही, उन्होंने यातायात प्रबंधन को प्रोफेशनल और एक्सपर्ट तरीके से लागू करने की बात कही।
अपराध नियंत्रण को भी दिए निर्देश
अपराध नियंत्रण को लेकर डीजीपी ने कहा कि छोटी से छोटी शिकायत पर भी पुलिस को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। साइबर अपराध और महिला संबंधी मामलों में तत्काल और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए गए, ताकि पीड़ितों को भटकना न पड़े।
इसके अलावा, डीजीपी ने टूरिस्ट सीजन को देखते हुए आगरा और मथुरा में पर्यटकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि स्मारकों के आसपास पुलिस सक्रिय रहे और पर्यटकों के साथ अच्छा व्यवहार सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।