DGP के निर्देश: कांवड़ यात्रा में AI से होगी निगरानी, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं। बरेली में मुख्य सचिव एसपी गोयल के साथ समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने कहा कि इस बार कांवड़ यात्रा की निगरानी अत्याधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से मुख्यमंत्री की “जीरो एक्सीडेंट और जीरो इंसिडेंट” की अपेक्षा को हर हाल में पूरा करने के लिए समन्वय के साथ काम करने को कहा।

डीजीपी ने कहा ये

डीजीपी ने निर्देश दिया कि कांवड़ मार्ग पर किसी भी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा में चूक नहीं होनी चाहिए। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, निर्माणाधीन सड़कों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांवड़ रूट पर मांस और मदिरा की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने और सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल एवं सख्त कार्रवाई करने को कहा। डीजीपी ने अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के भी निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में डीजे संचालन को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। डीजीपी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार डीजे की ध्वनि 75 डेसीबल से अधिक नहीं होनी चाहिए और उसके आकार को लेकर जारी नियमों का भी सख्ती से पालन कराया जाए।

सुरक्षा की दी जानकारी

उन्होंने बताया कि बरेली में स्थापित जोनल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बरेली और मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों में लगे करीब 4700 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाएगी। इनमें संवेदनशील स्थानों और कांवड़ मार्गों पर लगे कैमरों पर विशेष नजर रहेगी। कंट्रोल रूम में पुलिसकर्मी 24 घंटे तीन पालियों में तैनात रहेंगे और AI तकनीक की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।

डीजीपी ने तीसरे और चौथे सावन सोमवार को सबसे अधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की विशेष समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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