लखनऊ। राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 2025 बैच के 21 आईपीएस प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपने ‘भारत दर्शन’ कार्यक्रम के तहत शनिवार को यूपी-112 मुख्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान अधिकारियों ने प्रदेश की अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा की तकनीकी एवं ऑपरेशनल कार्यप्रणाली का विस्तृत अध्ययन किया। भ्रमण का उद्देश्य भविष्य के पुलिस नेतृत्व को आधुनिक पुलिसिंग और तकनीक आधारित आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली से परिचित कराना था।
किया गया स्वागत
मुख्यालय पहुंचने पर प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें कंट्रोल रूम, कॉल टेकिंग सिस्टम, कॉल फ्लो, ऑटो डिस्पैच व्यवस्था तथा इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS) तकनीक की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने देखा कि किस प्रकार संकट की सूचना मिलने के बाद कम समय में पुलिस सहायता नागरिकों तक पहुंचाई जाती है। आधुनिक सॉफ्टवेयर और लाइव डेमो के माध्यम से यूपी-112 की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन भी किया गया।
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं को यह भी बताया गया कि यूपी-112 केवल पुलिस सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि फायर, एंबुलेंस, महिला पावर लाइन (1090) सहित कई अन्य आपातकालीन सेवाओं के साथ समन्वित रूप से कार्य करती है। मल्टी-चैनल सपोर्ट सिस्टम के माध्यम से विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है।
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा ये
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक, यूपी-112 ने कहा कि आधुनिक तकनीक और प्रभावी समन्वय के माध्यम से नागरिकों को तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। भ्रमण के अंत में पुलिस महानिरीक्षक ने सभी प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। अधिकारियों ने भी यूपी-112 की तकनीकी दक्षता और कम रिस्पॉन्स टाइम वाली व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे भविष्य की स्मार्ट पुलिसिंग का प्रभावी मॉडल बताया।