बाराबंकी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में घायल बाराबंकी में तैनात क्षेत्राधिकारी नरेंद्र सिंह (55) के निधन पर उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उपचार के दौरान सीओ नरेंद्र सिंह की मौत की खबर सामने आने के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर है। डीजीपी ने उनके निधन को उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
डीजीपी ने किया पोस्ट
डीजीपी ने अपने शोक संदेश में कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना में घायल जनपद बाराबंकी में नियुक्त क्षेत्राधिकारी नरेंद्र सिंह के उपचार के दौरान निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह का असमय जाना पुलिस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। डीजीपी ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति मिलने की कामना की।
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डीजीपी ने हादसे में घायल आरक्षी योगेंद्र सिंह के उपचार को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घायल सिपाही के समुचित इलाज की व्यवस्था पुलिस मुख्यालय स्तर से सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पुलिस के अनुसार शनिवार शाम करीब सवा सात बजे सीओ नरेंद्र सिंह और सिपाही योगेंद्र सिंह क्रेटा कार से लखनऊ से आगरा की ओर जा रहे थे। ऊसराहार क्षेत्र में खरगुआ के पास उनकी कार आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए थे। नरेंद्र सिंह को उपचार के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
एसपी ने दी थी जानकारी
बाराबंकी के एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने रविवार रात करीब 11 बजे सीओ नरेंद्र सिंह के निधन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि नरेंद्र सिंह करीब छह माह पहले बागपत में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। प्रमोशन के बाद उन्हें क्षेत्राधिकारी बनाया गया था। मूल रूप से नोएडा के रहने वाले नरेंद्र सिंह बाराबंकी में तैनाती के बाद कार्यालय का कार्य देख रहे थे।