मेरठ में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें विजिलेंस कार्यालय पर तैनात गारद के एक सिपाही ने अपने ही कमांडर पर सरकारी हथियार तान दिया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और आरोपी सिपाही के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
ये था मामला
जानकारी के अनुसार, विजिलेंस कार्यालय पर तैनात गारद के कमांडर हेड कांस्टेबल अनिल कुमार और उनके अधीनस्थ सिपाही हेमंत कुमार के बीच ड्यूटी व्यवस्था को लेकर पहले से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। कमांडर द्वारा यह निर्देश दिए गए थे कि ड्यूटी के दौरान कोई भी जवान बिना अनुमति परिसर से बाहर नहीं जाएगा। इसी निर्देश को लेकर असंतोष बढ़ता गया।
घटना की रात सिपाही हेमंत कुमार ने कथित रूप से शराब का सेवन किया और इसके बाद इंसास राइफल में गोलियां भरकर कमांडर अनिल कुमार पर तान दी। अचानक हुई इस घटना से अनिल कुमार घबरा गए और मौके से भागकर अपनी जान बचाई। बताया गया कि आरोपी सिपाही करीब 200 मीटर तक हथियार के साथ उनका पीछा करता रहा और बीच रास्ते में धमकी भी देता रहा। इस दौरान आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
अफसरों को दी गई सूचना
घटना की सूचना तत्काल पुलिस अधिकारियों को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिविल लाइंस से जांच कराई गई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे निलंबित कर दिया गया। मेडिकल जांच में शराब के सेवन की पुष्टि भी हुई है।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और अनुशासनहीनता तथा जान से मारने की नीयत से हथियार के दुरुपयोग के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।