कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत और तकनीक आधारित बनाया गया है। इसी कड़ी में बरेली पुलिस लाइन में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तैयार किया गया है, जहां से बरेली जोन के नौ जिलों की गतिविधियों पर एक साथ 24 घंटे नजर रखी जाएगी। इस हाईटेक कमांड सेंटर की निगरानी की जिम्मेदारी एसपी दक्षिणी एवं आईपीएस अंशिका वर्मा को सौंपी गई है।
इन जगहों पर रहेगी कड़ी नजर
यह कंट्रोल सेंटर कांवड़ मार्गों, प्रमुख शिव मंदिरों, गंगा घाटों, भीड़भाड़ वाले चौराहों और संवेदनशील स्थानों से मिलने वाले लाइव इनपुट पर लगातार नजर रखेगा। किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही संबंधित जिले की पुलिस को तत्काल अलर्ट भेजा जाएगा, जिससे मौके पर बिना देरी कार्रवाई हो सके।
बरेली रेंज में सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए पूरे क्षेत्र को आठ सुपर जोन, 26 जोन, 82 सेक्टर और 220 सब-सेक्टर में बांटा गया है। यात्रा के दौरान करीब 15 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। इसके अलावा पीएसी, एसडीआरएफ और ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त टीमें भी तैनात रहेंगी। आधुनिक निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और एआई आधारित मॉनिटरिंग का सहारा लिया जाएगा।
रहेंगी ये व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा को भी प्राथमिकता दी गई है। यात्रा मार्ग पर जल सेवा केंद्र, कांवड़ शिविर, चिकित्सा शिविर और एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। पहली बार सभी कांवड़ियों को पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, जिन पर स्थानीय पुलिस अधिकारियों के संपर्क नंबर भी अंकित होंगे। हर कांवड़ जत्थे के साथ एक नोडल पुलिस अधिकारी रहेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बार तकनीक और बेहतर समन्वय के जरिए पूरी कांवड़ यात्रा पर रियल-टाइम नजर रखी जाएगी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव देना है।