जाने क्यों CM योगी ने IPS प्रशांत कुमार को दी UP पुलिस के मुखिया की जिम्मेदारी

अब यूपी पुलिस की कमान स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को सौंपी गई है। वो विभाग के चौथे कार्यवाहक डीजीपी बन गए हैं। भले ही डीजीपी बनने की रेस में उनसे कई सीनियर अफसर शामिल थे, लेकिन ये जिम्मदारी उन्हें सौंपी गई है। खबरों की मानें कि उन्हें ये जिम्मेदारी देने की वजह उनका काम और उनकी कार्यशैली है। योगी सरकार की तरफ से जब भी उन्हें कोई जिम्मेदारी सौंपी गई, तो आईपीएस प्रशांत कुमार ने उसे बखूबी निभाया, इसी वजह से एक बार फिर सरकार ने उनपर भरोसा दिलाया है।

अपराध को किया खत्म

जानकारी के मुताबिक, एक समय था, जब पश्चिमी यूपी में अपराध और अपराधियों का बोलबाला था। ऐसे में योगी सरकार बनने के बाद सीएम योगी ने सबसे पहले आईपीएस प्रशांत कुमार को मेरठ का एडीजी बनाया। बस फिर क्या था, वहां उनके नेतृत्व में पुलिस विभाग ने सख्ती बरतना शुरू की और कई बड़े इनामी अपराधियों को ना सिर्फ मार गिराया। इन मुठभेड़ों की खास बात ये थी कि, आईपीएस प्रशांत कुमार खुद कई एनकाउंटर में शामिल रहे। प्रदेश भर में उनके नेतृत्व में 300 से ज्यादा एंकाउंटर हुए हैं।

हाल ही में मिला प्रमोशन

उनकी इसी कार्यशैली को देखने के बाद उन्हें एडीजी कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई, जो कि अब तक वह बखूबी निभा रहे हैं। इसी के चलते यूपी की कानून व्यवस्था में सुधार के लिए उन्होंने वो हर काम किया, जो किया जा सकता है। उनके अच्छे काम के चलते उन्हें हाल ही में प्रमोशन देकर डीजी बनाया गया था। अब जब कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है, तो एक बार फिर उनका अलग अंदाज देखने को मिल सकता है।

कौन हैं आईपीएस प्रशांत कुमार

स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है।

UP Police के चौथे कार्यवाहक DGP बने प्रशांत कुमार, जानें इनके बारे में…

और इसी के साथ एक बार फिर से यूपी पुलिस को नया कार्यवाहक मुखिया मिल गया। दरअसल, अब यूपी पुलिस की कमान स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को सौंपी गई है। वो विभाग के चौथे कार्यवाहक डीजीपी बन गए हैं। आपको बता दें कि आज विभाग के तीसरे कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार रिटायर हो रहे हैं, ऐसे में उनकी जगह ये जिम्मेदारी अब आईपीएस प्रशांत कुमार को दी गई है।

कौन हैं आईपीएस प्रशांत कुमार

जानकारी के मुताबिक, स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को हाल ही में चौथी बार गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। वो प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है।

प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है। बतौर आईपीएस प्रशांत कुमार का चयन जब हुआ था तो उन्हें तमिलनाडु कैडर मिला था। हालांकि 1994 में यूपी कैडर की आईएएस डिम्पल वर्मा से शादी के बाद वह यूपी कैडर में ट्रांसफर हो गए। इस वक्त वो बतौर स्पेशल डीजी यूपी पुलिस में तैनात हैं। अपने कार्यकाल में वो अब तक 300 से ज़्यादा बदमाशों से भिड़ चुके हैं।

ये भी थे रेस में

खबर थी कि, इस बार डीजीपी के पद की जिम्मेदारी आईपीएस आनंद कुमार को दी जा सकती है क्योंकि आनंद कुमार इसी साल 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं। इसके साथ ही योगी सरकार में उन्होंने लंबे समय तक एडीजी एलओ का कार्यभार बेहतर ढंग से संभाला था। इसके साथ ही दूसरे नंबर पर 1989 बैच के पीवी रामा शास्त्री और तीसरे नंबर पर 1990 बैच के आईपीएस एसएन साबत थे। वर्तमान समय में आईपीएस रामा शास्त्री इस समय प्रतिनियुक्ति पर डीजीपी पीएसएफ हैं। वह एडीजी लॉ एंड ऑर्डर रह चुके हैं। वहीं एसएन साबत इस समय डीजी जेल के पद पर कार्यरत हैं।

जानें कौन हैं IPS रवीना त्यागी, जिन्हें Lucknow पुलिस कमिश्नरेट में मिला DCP का पद

इस साल की शुरुआत में ही आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव का सिलसिला जारी हो गया था। इसकी एक वजह है कि कुछ ही समय में चुनाव होने को हैं, ऐसे में प्रशासन हर वो पुख्ता कदम उठा रहा है, जिसकी वजह से चुनाव सकुशल संपन्न होंगे। इसी क्रम में बीती शाम भी तबादला हुआ। इस तबादला लिस्ट में आईपीएस रवीना त्यागी का नाम शामिल है। IPS रवीना त्यागी 2014 कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में बेहद कामयाब अफसर रहीं थीं। लोगों को उनका काम काफी ज्यादा पसंद था। अब उन्हें एक बार फिर से फील्ड पर भेजा गया है।

लोगों को पसंद है उनकी कार्यशैली

जानकारी के मुताबिक, रवीना त्यागी 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई महर्षि विद्या मंदिर भोपाल से की। 12वीं के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाएं दी। इसके बाद जेपी इंस्टीटयूट ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी नोएडा से बीटेक बायोटेक्नोलॉजी से किया है। इसके बाद उन्होंने सिविल की तैयारी की। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने सफलता हासिल की। 2014 में उनकी सिविल सर्विसेज में 170वीं रैंक थी।

उनकी पहली पोस्टिंग एएसपी के पद पर मुरादाबाद में हुई थी। मुरादाबाद में मनचलों ने स्कूल और कॉलेजों के बाहर जमावड़ा लगाना बंद कर दिया था। इसके बाद आईपीएस रवीना त्यागी जब 2018 में कानपुर साउथ की एसपी बनी थीं। उस समय उन्होंने स्कूल, कॉलेजों के बाहर एक पेटी लगवाई थी, जिसमें छात्राएं और महिलाएं अपनी समस्याओं को लिखकर उस पेटी में डाल सकती थीं। उनके इसी काम की वजह से लोगों को उनकी कार्यशैली काफी पसंद आई थी।

अब फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी

कानपुर जिले में तैनाती के बाद कुछ समय पहले आईपीएस रवीना त्यागी को पुलिस अधीक्षक महिला और बाल सुरक्षा संगठन के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई थी। कानपुर से उनके तबादले की खबर आने के बाद हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने सीपी आरके स्वर्णकार से आईपीएस रवीना त्यागी के ट्रांसफर पर रोक लगाने की मांग की है।

अब एक बार फिर से रवीना त्यागी को फील्ड पर उतारा गया है। उन्हें अब लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का डीसीपी बनाया गया है। ऐसे में एक बार फिर से चुनाव आने से पहले प्रशासन ने उन पर भरोसा दिलाया है।

इस तरह होती है DGP की नियुक्ति…आप भी जानें पूरी प्रक्रिया

आज यूपी पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी के कार्यकाल का आज आखिरी दिन है, लेकिन अभी तक विभाग के नए मुखिया के नाम का ऐलान नहीं हुआ है। ऐसे में अभी तक बस लोग ये कयास लगा रहे हैं, कि आखिर अब ये जिम्मेदारी किसे दी जाएगी। यूपी पुलिस विभाग को काफी लंबे समय से स्थायी डीजीपी नहीं मिला है। ऐसे में इस बार भी ऐसी ही खबर सामने आ रही है कि, इस बार भी विभाग को कार्यवाहक डीजीपी ही मिलेगा। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि स्थायी डीजीपी के चयन की प्रक्रिया काफी पहले शुरू हो जाती है, लेकिन अभई तक इस बार इसकी शुरुआत नहीं हुई है।

ऐसे होता है चयन

जानकारी के मुताबिक, अगर डीजीपी के चयन की प्रक्रिया की बात करें तो देश के किसी भी राज्य के डीजीपी की नियुक्ति के लिए सरकार को डीजी रैंक के ऐसे आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजना होता है, जिनका कार्यकाल कम से कम छह महीने का बचा हुआ हो।

इस आयोग में यूपीएससी के चैयरमैन या यूपीएससी का सदस्य इम्पैनलमेंट कमेटी के अध्यक्ष होते हैं। इसके अलावा भारत सरकार के गृह सचिव या विशेष सचिव, राज्य के मुख्यसचिव, वर्तमान डीजीपी व केंद्रीय बल का कोई एक प्रमुख शामिल होता हैं। आयोग तीन सबसे सीनियर आईपीएस अफसरों का एक पैनल राज्य सरकार को भेजता है।

इन्हें बनाया जाता है स्थायी डीजीपी

अगर सुप्रीम कोर्ट के नियमों की मानें तो उस अफसर को स्थायी डीजीपी बनाया जा सकता है, जिनके रिटारयमेंट में दो साल बाकी हों। इसी के चलते डीजीपी की नियुक्ति कम से कम दो वर्ष के लिए होती है। अगर बात करें डीजीपी को उनके पद से हटाने की तो डीजीपी को तब हटाया जा सकता है, जब वह अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हो।

UP Police में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 94 IPS अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव

2024 यूपी पुलिस के लिए काफी अहम होने वाला है। इस साल की शुरुआत से ही विभाग के अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हो रहे हैं। इसी क्रम में एक बार फिर से बड़ी तादाद में आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया। इस लिस्ट में कई जिलों में तैनात पुलिस अफसरों के नाम शामिल है। इस तबादला लिस्ट के आने के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। आगे आने वाला समय भी यूपी पुलिस के लिए बेहद अहम होने वाला है। क्योंकि एक तो यूपी पुलिस को नया मुखिया मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही कुछ ही समय में लोकसभा चुनाव भी होने वाले हैं। ऐसे में हाल फिलहाल में हो रहे ये तबादले हर किसी के लिए बेहद खास हैं।

इनका हुआ तबादला

अंकिता शर्मा को अपर पुलिस उपयुक्त पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी भेजा गया

संतोष कुमार मीणा अपर पुलिस आयुक्त कानपुर बनाए गए

अभिजीत कुमार अपर पुलिस उपायुक्त प्रयागराज बनाए गए

श्रुति श्रीवास्तव अपर पुलिस उपायुक्त वाराणसी बनाई गई

पुनीत द्विवेदी अपर पुलिस अधीक्षक राज्यपाल उत्तर प्रदेश बनाई गए

शिव सिंह अपर पुलिस आयुक्त कानपुर बनाई गई

नीतू अपर पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी बनाई गई

आकाश पटेल अपर पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी

आनंद प्रकाश तिवारी पुलिस महानिरीक्षक भवन एवं कल्याण पुलिस मुख्यालय बनाए गए

धर्मेंद्र सिंह पुलिस महानिरीक्षक आरटीसी चुनार मिर्जापुर बनाए गए

एल आर कुमार पुलिस महानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था लखनऊ बनाए गए

अब्दुल हमीद पुलिस महानिरीक्षक एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाए गए

संजीव गुप्ता अपर पुलिस महानिदेशक सचिव गृह उत्तर प्रदेश शासन बनाए गए

रमित शर्मा पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज बनाए गए

आकाश कुलहरी पुलिस महानिरीक्षक संयुक्त पुलिस आयुक्त लखनऊ बनाए गए

सलभ माथुर पुलिस महानिरीक्षक अलीगढ़ परिक्षेत्र बनाए गए

रोहन पीकंय पुलिस उपमहानिरीक्षक तकनीकी सेवाएं बनाये गए

संजय सिंह पुलिस उपमहानिरीक्षक पीटीसी गोरखपुर बनाए गए

वैभव कृष्ण पुलिस उपमहानिरीक्षक वीआईपी सुरक्षा लखनऊ

प्रभाकर चौधरी पुलिस उपमहानिरीक्षक स्थापना मुख्यालय लखनऊ

संजीव त्यागी पुलिस उपमहानिरीक्षक अभी सूचना मुख्यालय लखनऊ

पूनम पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी सेक्टर आगरा बनाई गई

सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज पुलिस उपमहानिरीक्षक उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नत बोर्ड

राठौर किरीट कुमार हरि भाई पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी लखनऊ

शैलेश कुमार यादव पुलिस उपमहानिरीक्षक पीटीसी सीतापुर

सफीक अहमद पुलिस उपमहानिरीक्षक ईओडब्ल्यू लखनऊ

राधेश्याम पुलिस उपमहानिरीक्षक लॉजिस्टिक्स लखनऊ

सुरेश्वर पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी मुख्यालय लखनऊ

रामजी सिंह यादव पुलिस उपमहानिरीक्षक प्रशिक्षण मुख्यालय लखनऊ

रामकिशन पुलिस उपमहानिरीक्षक सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ

राजकमल यादव पुलिस उपमहानिरीक्षक पीटीसी सीतापुर

राकेश पुष्कर पुलिस उपमहानिरीक्षक रेलवे लखनऊ

मनोज कुमार सोनकर उपमहानिरीक्षक ats लखनऊ

कुलदीप नारायण पुलिस उपमहानिरीक्षक एसटीएफ मेरठ

किरण यादव पुलिस उपमहानिरीक्षक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन लखनऊ

सब रशीद खान पुलिस उपमहानिरीक्षक यूपी 112

अशोक कुमार चतुर्थ पुलिस उपमहानिरीक्षक सीबीसीआईडी लखनऊ

प्रदीप गुप्ता पुलिस उपमहानिरीक्षक दूरसंचार लखनऊ

अखिलेश कुमार निगम पुलिस उपमहानिरीक्षक सीबीसीआईडी लखनऊ

कुंतल किशोर पुलिस उपमहानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं लखनऊ

मनीराम सिंह पुलिस उपमहानिरीक्षक मानवाधिकार लखनऊ

राजीव नारायण मिश्र पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी कानपुर नगर

सुशील कुमार सिंह पुलिस उपमहानिरीक्षक यातायात मुख्यालय लखनऊ

हरिश्चंद्र अपर पुलिस आयुक्त कानपुर नगर

राहुल राज पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी मेरठ

प्रमोद कुमार तिवारी पुलिस उपमहा निरीक्षक प्रशिक्षण मुख्यालय लखनऊ

कल्पना सक्सेना अपर पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद

अतुल शर्मा सेना नायक 35 वाहिनी पीएसी लखनऊ

आशीष श्रीवास्तव पुलिस उपायुक्त कानपुर नगर

गौरव बांसवाल पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षण एवं सुरक्षा लखनऊ

पूजा यादव सेना नायक 24 वाहिनी पीएसी मुरादाबाद

अमित कुमार प्रथम पुलिस अधीक्षक ats लखनऊ

रईस अख्तर पुलिस अधीक्षक तकनीकी सेवाएं लखनऊ

रवीना त्यागी पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ

विक्रांत वीर सेनानायक 32 सी वाहिनी पीएसी लखनऊ

प्रमोद कुमार पुलिस उपायुक्त वाराणसी

Sm कासिम पुलिस अधीक्षक मुख्यालय पुलिस महानिदेशक

हृदेश कुमार पुलिस उपायुक्त वाराणसी

आनंद कुमार सेना नायक 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर

श्रवण कुमार सिंह पुलिस उपायुक्त कानपुर नगर

शिवाजी पुलिस उपायुक्त कमिश्नर रेट लखनऊ

प्रबल प्रताप सिंह पुलिस उपायुक्त पुलिस कमिश्नर रेट लखनऊ

शैलेंद्र कुमार राय पुलिस अधीक्षक कानून एवं व्यवस्था लखनऊ

डी प्रदीप कुमार सैन नायक 38वीं वाहिनी पीएसी

डॉ दुर्गेश कुमार सैन नायक 11वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर

दी प्रदीप कुमार सेनानायक पीएसी सोनभद्र

राजधारी चौरसिया पुलिस अधीक्षक प्रशासन मुख्यालय लखनऊ

बबीता साहू सेनानायक 27वी वाहिनी पीएसी सीतापुर

कमला प्रसाद यादव पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय लखनऊ

रमेश प्रसाद गुप्ता पुलिस अधीक्षक लॉजिस्टिक उत्तर प्रदेश लखनऊ

रामसेवक गौतम पुलिस उपायुक्त कानपुर नगर

सुरेंद्रनाथ तिवारी पुलिस अधीक्षक स्थापना मुख्यालय लखनऊ

मोहम्मद तारीख पुलिस अधीक्षक मानवाधिकार मुख्यालय महानिदेशक लखनऊ

पंकज कुमार पांडे सी नायक 34 सी वाहिनी पीएसी वाराणसी

अजीत कुमार सिंह सी नायक 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी

अजीत कुमार सिंह सेनानायक 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी

सुशील कुमार शुक्ला सेनानायक 20वीं वाहिनी पीएसी आजमगढ़

दयाराम सेनानायक दूसरी वाहिनी पीएसी सीतापुर

सर्वानंद यादव सी नायक 12वीं वाहिनी पीएसी फतेहपुर

कमलेश दीक्षित सेना नायक 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर

अरुण कुमार श्रीवास्तव सेनानायक 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी

कमलेश दीक्षित सी नायक 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर

सलमान ताज पाटील पुलिस उपायुक्त कमिश्नर रेट लखनऊ

विद्यासागर मिश्रा पुलिस उपायुक्त कमिश्नर रेट लखनऊ

तेज स्वरूप पुलिस उपायुक्त कमिश्नर रेट लखनऊ

डॉ महेंद्र पाल सिंह पुलिस उपायुक्त कमिश्नर रेट लखनऊ

श्याम नारायण सिंह पुलिस उपायुक्त कमिश्नर रेट वाराणसी

UP DGP विजय कुमार के कार्यकाल का अंतिम दिन आज, कल लेंगे फेयरवेल

यूपी के कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार का आखिरी दिन है। कल उनका रिटायरमेंट है। उनके रिटायरमेंट की वजह से एक बार फिर से लोग ये कयास लगाने लगे हैं, कि आखिर अब यूपी पुलिस की कमान किसके हाथों में सौंपी जाएगी। हालांकि एक खबर ये भी है कि हो सकता है कि आगामी चुनावों को देखते हुए उनके कार्यकाल का समय बढ़ाया जा सकता है, लेकिन अभी इस तरह की कोई खबर सामने नहीं आ रही है। ऐसे में हर कोई नए डीजीपी के नाम का इंतजार कर रहा है।

डीजीपी विजय कुमार हैं 1988 बैच के अधिकारी

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।विजय कुमार की गिनती पुलिस महकमे में एक तेज तर्रार और ईमानदार अधिकारी के रूप में रही है। 31 मई 2023 को उन्हें डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। उस समय वह डीजी सीबीसीआईडी के पद पर तैनात थे। 7 नवंबर 2023 को उन्हें डीजी सीबीसीआईडी के पद से हटाकर निदेशक विजिलेंस के पद पर नियुक्त किया गया।

उन्होंने अपने कार्यवाहक डीजीपी के पद की जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाया है। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी सफलता राम मंदिर का उद्घाटन है। हाल ही में राम मंदिर के उद्घाटन के लिए भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें देशभर से हजारों वीवीआईपी लोग अयोध्या पहुंचे। सभी की सुरक्षा की जिम्मेदारी यूपी पुलिस ने बखूबी निभाई। इसके साथ ही वर्तमान समय में जब एक साथ लाखों लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं, तब भी वहां सुरक्षा व्यवस्था बनी हुई है।

अनुभव की वजह से मिली थी जिम्मेदारी

अगर इनके कार्यकाल की बात करें तो आईपीएस विजय कुमार एसएसपी पीलीभीत, बांदा, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर व लखनऊ के अलावा डीआईजी रेंज इलाहाबाद, मेरठ व आजमगढ़ के पद पर भी तैनात रहे हैं। आईजी जोन आगरा, कानपुर व गोरखपुर के तौर पर भी उन्हें फील्ड का अच्छा अनुभव है। वह एडीजी सुरक्षा, यातायात व पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके इसी अनुभव के चलते उन्हें यूपी पुलिस की कमान सौंपी गई थी।

कौशांबी: सिपाही को अंतिम विदाई देने पुलिस लाइन पहुंचे IG, परिवार को दी सांत्वना

हाल ही में यूपी के कौशांबी जिले में एक ऑन ड्यूटी सिपाही को चोरों ने अपनी गाड़ी से कुचल दिया। सिपाही को तत्काल ही अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर उन्हें मृत घोषित कर दिया। आज सुबह सिपाही को अंतिम विदाई देने के लिए उनके पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन लाया गया। जहां आईजी प्रयागराज परिक्षेत्र, प्रयागराज और एसपी समेत अफसरों और अन्य पुलिसकर्मियों ने अपने साथी को अंतिम विदाई दी। फिलहाल चोरों की तलाश के लिए पुलिस की टीम लगी है।

सिपाही को रौंद कर निकले बदमाश

जानकारी के मुताबिक, सराय अकिल थाना क्षेत्र के बजहां गांव के रहने वाले राहुल ने रविवार की रात करीब 2:00 बजे पुलिस को सूचना दी कि उसके घर का ताला तोड़कर तीन बकरा चोरी कर बदमाश भाग रहे हैं। ऐसे में सिपाही अवनीश दुबे ने बैरीकेडिंग लगाकर बदमाशों को रोकने की कोशिश की। सिपाही की कोशिश उस वक्त विफल हो गई, जब बदमाश उन्हें रोंदते हुए निकल गए।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि, इस हादसे में सिपाही गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। जैस ही सिपाही के निधन की खबर पुलिसकर्मियों को लगी, जिला विभाद में खलबली मच गई।

अफसरों ने दी अंतिम विदाई

पोस्टमॉर्टम के बाद सिपाही अवनीश दुबे के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन्स में आईजी प्रयागराज परिक्षेत्र, प्रयागराज व एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एएसपी अशोक कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारियो तथा सिपाही के परिजनों द्वारा फूल माला से भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। इसके साथ ही अधिकारियो द्वारा कंधा देकर अन्तिम विदाई दी गई एवं परिजनों को सांत्वना देकर हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया गया।

UP के इस जिले में 60 किमी तक नहीं था कोई थाना, अब होगा चौकी का निर्माण, शासन ने दी मंजूरी

यूपी में अपराध को कम करने और अपराधियों को सबक सिखाने के लिए लगातार प्रशासन कुछ ना कुछ कदम उठाते रहते हैं। इसी क्रम में उन सभी जगहों पर चौकियों और थाने का निर्माण किया जा रहा है, जहां पुलिसकर्मी नहीं रहते है। इसी के चलते अब हमीरपुर जिले में पुलिस विभाग की सिफारिश पर शासन ने थाना जरिया के उमरिया गांव में पुलिस चौकी बनाने की स्वीकृति प्रदान की है। रिपोर्ट्स की मानें तो इस इलाके में 60 किमी तक कोई थाना नहीं था, इसलिए विभाग ने ये सिफारिश की थी।

तेजी से शुरू हुआ काम

जानकारी के मुताबिक, हमीरपुर जिले में राठ-बिंवार मुख्य मार्ग की लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर कोई पुलिस चौकी या थाना नहीं है। थाना जलालपुर इस मार्ग से हटकर बेतवा नदी के पास स्थित है। इसका लाभ अपराधियों को मिलना स्वाभाविक है। यही कारण है कि पुलिस ने उमरिया गांव में पुलिस चौकी स्थापित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था।

हाल ही में शासन की तरफ से यहां पुलिस चौकी के निर्माण की मंजूरी मिली है। ऐसे में अब यहां काम तेजी से शुरू हो गया है। बीते कुछ दिनों में जरिया थाना पुलिस ने गांव में भूमि का चिह्नीकरण किया और निर्माण के लिए सीमांकन भी कराया है।

जल्द होगा निर्माण

इंस्पेक्टर प्रिंस दीक्षित ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद उमरिया गांव में पुलिस चौकी के नाम भूमि दर्ज कागजात करा ली गई है और सीमांकन कराया गया। शीघ्र ही निर्माण कार्य कराया जाएगा। जैसे ही यहां पुलिस चौकी का निर्माण हो जाएगा तो अपराध पर अंकुश लगाना भी आसान रहेगा।

अयोध्या पहुंचे CM योगी ने श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्था का लिया जायजा, पुलिस अफसरों को दिए निर्देश

अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए हर रोज लाखों लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए हैं। पुलिस प्रशासन के हर कदम पर खुद प्रदेश के मुखिया सीएम योगी और प्रदेश के बड़े अफसर नजर बनाए हुए हैं। इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे। राम मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के साथ निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया। इस दौरान वहीं यूपी पुलिस के स्पेशल डीजी भी मौजूद रहे।

सीएम ने लिया जायजा

जानकारी के मुताबिक, आज अयोध्या पहुंचकर सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने पुष्प अर्जित किए और साथ ही आरती करके भगवान का आशीर्वाद लिया। सीएम योगी इसके बाद अयोध्या में राम मंदिर पहुंचे।

अपने दौरे के दौरान सीएम योगी ने रामलला के दर्शन के लिए आ रहे श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्था का जायजा लिया। राम मंदिर में भक्तों के लिए की गई व्यवस्थाओं का सीएम योगी ने निरीक्षण किया।

स्पेशल डीजी रहे मौजूद

इस दौरान उन्होंने यूपी पुलिस के स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को पुलिस व्यवस्था और कड़ी बनाए रखने के आदेश जारी किए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी भक्त को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

क्या एक बार फिर UP Police को मिलेगा कार्यवाहक DGP ? कयासों का दौर जारी

आगामी 31 जनवरी को यूपी के कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर से लोगों के जहन में ये सवाल चलने लगा है कि इस बार यूपी पुलिस की कमान किसके हाथ में जाएगी। लोगों ने तो अपने -अपने हिसाब से कयास भी लगाना शुरू कर दिए हैं। बड़ी बात ये ही कि शायद इस बार भी यूपी को कार्यवाहक डीजीपी ही मिलेगा।

फिर मिलेगा कार्यवाहक मुखिया

सुत्रों से ये खबर सामने आ रही है कि, राज्य सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग को पूर्णकालिक डीजीपी के चयन का प्रस्ताव नहीं भेजा है, जिसकी वजह से एक बार फिर कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने के आसार हैं। ऐसे में एक बार फिर से मुकुल गोयल के बाद आनंद कुमार सबसे वरिष्ठ होने की वजह से दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि वरिष्ठता सूची में 19वें स्थान पर आने वाले डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का पलड़ा भारी माना जा रहा है।

इनका नाम भी रेस में

खबरों की मानें डीजीपी का पद आनंद कुमार को दिया जा सकता है क्योंकि आनंद कुमार इसी साल 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं। इसके साथ ही योगी सरकार में उन्होंने लंबे समय तक एडीजी एलओ का कार्यभार बेहतर ढंग से संभाला था। इसके साथ ही दूसरे नंबर पर 1989 बैच के पीवी रामा शास्त्री और तीसरे नंबर पर 1990 बैच के आईपीएस एसएन साबत हैं।

वर्तमान समय में आईपीएस रामा शास्त्री इस समय प्रतिनियुक्ति पर डीजीपी पीएसएफ हैं। वह एडीजी लॉ एंड ऑर्डर रह चुके हैं। वहीं एसएन साबत इस समय डीजी जेल के पद पर कार्यरत हैं। इनमे से भी शासन किसी एक आईपीएस का चयन डीजीपी के पद के लिए कर सकता है।